MP News: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में ट्रैक्टर गिरवी रखकर आरोपियों 2 लाख 4 हजार रुपये की ठगी की थी।
MP News: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर ट्रैक्टर गिरवी रखकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। आरोपियों ने 2 लाख 4 हजार रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया था।
शाहनगर थाना क्षेत्र निवासी भीषम सिंह पटेल ने शिकायत दर्ज कराई कि 11 जुलाई 2025 को दीपक पुरी गोस्वामी अपने साथी भैयालाल चौधरी निवासी सभागंज के साथ तहसील कार्यालय शाहनगर में मिला। दीपक पुरी गोस्वामी ने स्वयं को स्वराज कंपनी के 735 नीले ट्रैक्टर क्रमांक एमपी 20 ए सी 1188 का स्वामी बताते हुए माता की गंभीर बीमारी का हवाला दिया और ट्रैक्टर गिरवी रखने का प्रस्ताव रखा। विश्वास में आकर फरियादी ने ट्रैक्टर तथा ट्रॉली को 2,04,000 रुपये में गिरवी रख लिया तथा स्टाम्प पत्र पर लिखापढ़ी भी कराई गई।
कुछ दिनों बाद जबलपुर पुलिस द्वारा ट्रैक्टर की तलाश किए जाने पर मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। परिवहन अभिलेखों की जांच में स्पष्ट हुआ कि ट्रैक्टर का वास्तविक स्वामी गंगा सिंह निवासी उमरझर, तहसील कुंडम, जिला जबलपुर है। इस प्रकार कूटरचित पंजीयन के आधार पर ठगी किए जाने का खुलासा हुआ। थाना शाहनगर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
एसपी निवेदिता नायडू के निर्देश पर थाना प्रभारी मनोज यादव के नेतृत्व में गठित दल ने मुख्य आरोपी दीपक पुरी गोस्वामी, पिता कौशल पुरी गोस्वामी 27 वर्ष निवासी ग्राम इन्द्राना, तहसील मझौली, जबलपुर को जबलपुर और भैयालाल चौधरी पिता भूरेलाल चौधरी 59 निवासी सभागंज को शाहनगर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि दीपक पुरी गोस्वामी ग्रामीण क्षेत्रों से मासिक किराये पर ट्रैक्टर लेकर उनके पंजीयन की छायाप्रति में फेरबदल कर अपने नाम से प्रदर्शित करता था और अन्य जिलों में गिरवी रखकर धन प्राप्त करता था। जबलपुर, कटनी, दमोह सहित कई स्थानों पर इसी प्रकार की घटनाएं करना स्वीकार किया गया है। पुलिस ने स्वराज 735 ट्रैक्टर, ट्रॉली, कूटरचित पंजीयन पत्र तथा नगद राशि सहित लगभग सात लाख रुपये मूल्य की सामग्री जब्त की है। अन्य मामलों की जांच जारी है।