पन्ना

देश के पहले रूरल स्केटबोर्ड विलेज जनवार के बच्चे नहीं जाएंगे ऑस्ट्रेलिया, पिता ने खेल के बदले मांगे…

एक पिता के जिद से हारी जर्मन महिला, 'कुरीति' ने तोड़ा 4 बेटियों के ऑस्ट्रेलिया जाने का सपना, दहेज के लिए रुपए मांगने पर अटक गया टूर
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Jun 15, 2018
The country's first rural skateboard Village panna janwar
The country's first rural skateboard Village panna janwar

पन्ना। देश के पहले रूरल स्केटबोर्ड विलेज जनवार से इस साल चार बेटियों के ऑस्ट्रेलिया जाने का सपना एक कुरीति के कारण टूट गया। विदेश जाने की सभी तैयारियां हो चुकी थीं। पासपोर्ट, वीजा, टिकट सहित सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थीं। बच्चे भी महीनों से ऑस्ट्रेलिया जाने के सपने बुन रहे थे। लेकिन, ऐन मौके पर एक कुरीति के कारण पूरा टूर कैंसिल हो गया। अब बच्चे उदास हैं। लोगों का मानना है कि भारत कितना भी शिक्षित हो जाए फिर भी यहां कुरीतियां आज भी हावी है। लाख बेटियां आसमान को छू ले लेकिन परिजनों को भरोसा बहुत ही कम होता है।

ये है मामला
जनवार गांव में रह रही जर्मन महिला उलरिके रेनहार्ट ने बताया कि उन्होंने बीते साल जनवार के तीन लड़कों को यूरोप के टूर पर भेजा था। साढ़े पांच सप्ताह के इस टूर में बच्चों के व्यवहार और गेम में अप्रत्याशित बदलाव आए थे। इसे देखते हुए इस साल चार लड़कियों को ऑस्टे्रलिया भेजने का प्लान बनाया। दो लड़कियों का चयन ऑस्ट्रेलियन कल्चर सीखने और स्केटबोर्ड के लिए किया गया था। जबकि एक का चयन स्टेचिंग के लिए और चौथी लड़की का कन्वर्सेशन के लिए किया था।

दहेज के लिए मांगे तीन लाख
चारों बच्चों के सभी दस्तावेज एकत्रित करने के बाद महीनों की जटिल प्रक्रिया से होकर पासपोर्ट और वीजा तैयार कराए गए थे। सभी के ऑस्ट्रेलिया आने और जाने की टिकट भी बुक हो गई थी। बच्चों ने पैकिंग भी शुरू कर दी थी। इस दौरान एक लड़की के पिता ने पहले दहेज के लिए तीन लाख रुपए दो फिर लड़की को विदेश भेजेंगे, यह कहकर रोड़ा अटका दिया। लड़की के पिता सरकारी कर्मचारी हैं, कई बार की समझाइश से भी मामला नहीं बना तो टूर कैंसिल करना पड़ा।

सभी ने समझाया पर नहीं माने
लड़की के पिता के दहेज के लिए रुपए की मांगने पर गांव के लोग भी अचंभित थे। टूर की तैयारी में पहले ही लाखों रुपए लग चुके थे। ट्रेनिंग सेंटर, रुकने के होटल, कोच आदि को एडवांस पेमेंट भी हो चुका था। सभी ने कई बार समझाने का प्रयास किया। समाज में अहमियत रखने वाले लोगों से भी उन्हें समझाने के लिए कहा, लेकिन किसी की नहीं सुनी। लोगों का मानना है कि एक जिद ने बच्चों का सुनहरा भविष्य खराब कर दिया।

Published on:
15 Jun 2018 02:21 pm