
Ashok Dham temple stampede: बिहार के लखीसराय जिले के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर परिसर में सावन महीने की तीसरी सोमवारी को जलाभिषेक के दौरान मची भगदड़ में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 14 से ज्यादा लोग से घायल हो गए। यह हादसा मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित अशोक धाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन के पास और मंदिर तक जाने वाली सड़क पर हुआ, जहां सुबह-सुबह ट्रेन से आए हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच अचानक अफरातफरी मच गई। चश्मदीदों और लखीसराय सदर अस्पताल में भर्ती घायलों ने बताया कि कैसे एक छोटी सी अफवाह और बैरिकेड्स के गिरने से हालात बेकाबू हुए और भगदड़ मच गई।
सदर अस्पताल में इलाज करा रही एक युवती ने बताया कि सुबह में श्रद्धालु शांति से कतारों में मंदिर की ओर बढ़ रहे थे और सब कुछ सामान्य लग रहा था। इसी दौरान अचानक रास्ते में एक खंभा गिर गया और कुछ ही मिनटों के भीतर चारों तरफ चीख-पुकार और हाहाकार मच गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे रास्ते के किनारे बनी बांस की बैरिकेडिंग टूट गई। बैरिकेडिंग टूटने के कारण पास के गड्ढे में दर्जनों लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए। युवती ने बताया कि इस भगदड़ में जब वह नीचे गिरी, तो उसके ऊपर कई लोग गिरते चले गए और भीड़ उन्हें रौंदती हुई आगे बढ़ती रही, लेकिन उस समय उन्हें बचाने या उठाने वाला कोई नहीं था।
हादसे में घायल अन्य महिला श्रद्धालु गायत्री देवी ने बताया कि वे मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंच भी नहीं पाई थीं और रास्ते में ही थीं, तभी ऊपर से लोगों की भीड़ उनके ऊपर आ गिरी, जिससे उनके पैरों में गंभीर चोटें आईं। वहीं अपने परिजनों को देखने पहुंचे रूपेश कुमार ने बताया कि उनकी मां, बहन और भतीजी पूजा करने आई थीं और भगदड़ में सभी घायल हो गईं। जैसे ही परिवारों को मीडिया रिपोर्टों और स्थानीय चैनलों के जरिए घटना की खबर मिली, वे अपने घरों से अस्पताल पहुंचे। घायलों को मौके पर पहुंची एंबुलेंस और स्थानीय लोगों की मदद से सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
घटना की वजह बताते हुए लखीसराय के SDM प्रभाकर कुमार ने कहा कि रेलवे स्टेशन की तरफ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे थे। इसी दौरान, सड़क के दूसरी तरफ धान के खेत में बिजली का एक खंभा गिर गया। खंभा गिरते ही भीड़ में अफवाह फैल गई कि तार टूट गया है और जमीन पर बिजली का करंट दौड़ रहा है। इससे अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे, महिलाएं और बुज़ुर्ग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे दम घुटने और कुचले जाने के कारण सात महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने तुरंत पहुंचकर स्थिति को काबू में किया और घायलों के इलाज का इंतजाम किया।
इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए राज्य सरकार के मंत्री शैलेश कुमार मंडल ने कहा कि श्रावण के महीने में अशोक धाम मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना गलतफहमी और अफवाहें फैलने के कारण हुई। सरकार ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लाने के लिए प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं और स्वास्थ्य अधिकारियों को घायलों के उचित इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।