
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस सीट को लेकर अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। सोमवार को बांकीपुर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोला। प्रशांत किशोर ने कहा, “35 वर्षों में आपका नेता विधायक से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंच गया, जबकि आम जनता आज भी बुनियादी समस्याओं के बीच जीवन जीने को मजबूर है।” उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि जनता यह तय करे कि वह किन लोगों को अपना प्रतिनिधि चुनती है, ताकि न केवल नेताओं का बल्कि आम लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार हो सके।
उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि यदि लोग पैसे के बदले अपना वोट देते हैं, तो उन्हें ऐसे ही नेता मिलते रहेंगे, जिनका विकास तो होता रहेगा, लेकिन जनता की स्थिति जस की तस बनी रहेगी। प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर का यह चुनाव केवल एक विधानसभा सीट का नहीं, बल्कि जनता की आवाज और सरकार के कामकाज पर जनमत का प्रतीक है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव में जनता के पास भाजपा को हराने का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने आगे कहा कि यदि इस सीट पर भाजपा की हार होती है, तो इसका संदेश सीधे दिल्ली तक जाएगा। इससे यह स्पष्ट होगा कि बिहार की जनता वर्तमान नेतृत्व और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को स्वीकार नहीं कर रही है।
बांकीपुर सीट पिछले तीन दशकों में हुए नौ विधानसभा चुनावों में भाजपा के कब्जे में रही है। अधिकतर समय यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन और उनके परिवार के पास रही है। हालांकि, नितिन नवीन के राज्यसभा सांसद बनने के बाद यह सीट खाली हो गई है और अब यहां उपचुनाव होना है। इसको लेकर प्रशांत किशोर लगातार दावा कर रहे हैं कि जन सुराज पार्टी बांकीपुर में पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी, लेकिन उनके खुद चुनाव लड़ने को लेकर सवालों का वे बार-बार सीधा जवाब देने से बचते रहे हैं। इससे पहले करगहर और राघोपुर सीट से भी उनके चुनाव लड़ने की चर्चा रही थी, लेकिन प्रशांत किशोर ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट खाली हो गई है। इस सीट पर जल्द ही उपचुनाव होने की संभावना है, जिसे लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भी इस सीट पर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। वह वार्ड स्तर पर आम लोगों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। साथ ही, गली-मुहल्लों में अपनी टीम के कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया गया है, जो प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों से संपर्क कर फीडबैक जुटा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को बकरीद के अवसर पर प्रशांत किशोर की ओर से पटना के मीठापुर में भोज का आयोजन किया गया, जिसकी राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हो रही है।