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भरत तिवारी एनकाउंटर: बिलौटी पहुंचे बीजेपी विधायक आनंद मिश्रा, ग्रामीणों ने पूछा- इतने दिनों तक कहां थे?

Bharat bhushan tiwari encounter : बीजेपी विधायक एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा सोमवार को बिलौटी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले। इस दौरान ग्रामीणों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने उनसे पूछा कि वह घटना के इतने दिनों बाद क्यों पहुंचे?
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bjp mla anand mishra faces villagers anger

भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मिलते बीजेपी विधायक आनंद मिश्रा

Bharat bhushan tiwari encounter: भरत भूषण तिवारी के घर पहुंचे बीजेपी विधायक एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा का स्थानीय ग्रामीणों ने तीखे सवालों के साथ स्वागत किया। ग्रामीणों ने उनसे पूछा कि घटना के बाद वह इतने दिनों तक क्यों नहीं आए। साथ ही, भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर भी उनसे जवाब मांगा। मौके पर उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जिलों से आए लोगों ने भी अपनी नाराजगी जताई।

काफी देर तक लोगों के सवालों और आक्रोश का सामना करने के बाद आनंद मिश्रा ने कहा कि वह निजी कारणों से बाहर थे, इसलिए पहले नहीं आ सके। उन्होंने भरत तिवारी एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे कथित फर्जी एनकाउंटर बताया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सीआईडी से कराने की मांग की।

“न्याय दिखना भी चाहिए”: आनंद मिश्रा

भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मुलाकात के बाद बक्सर विधानसभा से बीजेपी विधायक आनंद मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह मामला फिलहाल न्यायिक जांच के अधीन है। मुझे पूरा विश्वास है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आरोपी की गिरफ्तारी से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस विषय में मुख्यमंत्री से बात करेंगे और सरकार की रणनीति को समझने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि केवल न्याय होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी आवश्यक है कि लोगों को यह दिखे कि न्याय हो रहा है। आनंद मिश्रा ने मामले की जांच जिला पुलिस के बजाय सीआईडी से कराने की मांग की, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।

पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल

पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने देर से आने के कारण पर सफाई देते हुए कहा कि वे निजी कारणों से बाहर थे, लेकिन इस दौरान लगातार स्थानीय विधायक, डीआईजी और एसपी के संपर्क में रहकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेते रहे।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि भरत तिवारी की समस्याओं और उनकी मांगों को समय रहते गंभीरता से लिया गया होता, तो शायद आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। साथ ही उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अतिरिक्त पुलिस बल या एसटीएफ को बुलाने का निर्णय स्थानीय पुलिस के अनुरोध पर ही लिया जाता है।आनंद मिश्रा ने इस पूरे एनकाउंटर को कथित फर्जी एनकाउंटर बताया।