14 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भरत तिवारी के परिवार का नौकरी और मुआवजा लेने से इनकार, कहा- छोटी मछली पकड़ने से क्या होगा, पहले SDM पर हो एक्शन

Bharat Tiwari case: भरत तिवारी एनकाउंटर केस में उनकी मां आशा देवी और भाई चंदन तिवारी ने कहा कि परिवार की सबसे बड़ी प्राथमिकता न्याय है। उन्होंने दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की और कहा कि वे न्याय मिलने के बाद ही नौकरी और मुआवजा स्वीकार करेंगे।
2 min read
Google source verification

पटना

image

Anand Shekhar

Aug 14, 2026

Bharat Tiwari Encounter update.

भरत तिवारी (Photo- ANI)

Bharat Tiwari Encounter Case: बिहार के भोजपुर में कथित एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार ने राज्य सरकार की ओर से दी जा रही सरकारी नौकरी और आर्थिक मदद लेने से इनकार कर दिया है। उनकी मां आशा देवी और भाई चंदन तिवारी ने कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता सरकारी मदद नहीं, बल्कि न्याय पाना और दोषियों को कड़ी सजा दिलाना है। परिवार ने मौत के लिए जिम्मेदार सभी अधिकारियों की गिरफ्तारी और उन्हें फांसी देने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि सिर्फ निचले स्तर के पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने या अधिकारियों को उनके पद से हटाने से न्याय नहीं मिलेगा। बल्कि उच्चस्तरीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

छोटी मछली पकड़ने से क्या होगा, मेन तो SDM है: मां आशा देवी

भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री के वादों पर वे तभी विचार करेंगी जब उनके बेटे के हत्यारों को सजा मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी पहली मांग यही है कि जिसने भी मर्डर किया है, उसे जल्द से जल्द फांसी दी जाए। जिन लोगों ने हत्या की और जो अभी खुलेआम घूम रहे हैं, उन्हें पहले गिरफ़्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित नौकरी और आर्थिक मदद के ऐलान पर पूरा परिवार बाद में सलाह करके कोई फैसला लेगा।

अधिकारियों के सस्पेंशन और STF जवान की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए आशा देवी ने कहा कि सिर्फ एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने से कुछ नहीं होगा। अन्य आरोपी तो खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि मुख्य जिम्मेदार तो SDM है। उन्होंने कहा कि छोटी मछली को पकड़ने से क्या हासिल होगा? मामले में शामिल सभी लोगों की धर-पकड़ की जाए। इसके साथ ही आशा देवी ने मांग की कि भरत तिवारी को शहीद का दर्जा दिया जाए और जिन ग्रामीणों के लिए उन्होंने अपनी जान दी, उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।

न्याय पहली प्राथमिकता, नौकरी नहीं- चंदन तिवारी

इस बीच, भारत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने कहा कि परिवार का ध्यान अभी मुआवजे या नौकरी के बजाय न्याय पाने पर है। न्याय मिलना ही उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने मामले में शामिल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को तुरंत हिरासत में लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों को सिर्फ उनके पदों से हटाना काफी नहीं है, उन्हें हिरासत में लिया जाना चाहिए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री की ओर से सरकारी नौकरी और आर्थिक मदद के प्रस्ताव पर चंदन तिवारी ने कहा कि परिवार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। परिवार के सभी सदस्य जब इस मामले पर साथ बैठकर चर्चा करेंगे, तब उनके माता-पिता आगे के बारे में फैसला लेंगे।

सीएम ने नौकरी और आर्थिक मदद का किया था ऐलान

बता दें कि 13 अगस्त को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया एक्स पर घोषणा की थी कि मामले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की गई थी।