पटना

भरत भूषण तिवारी ने जीवित रहते क्यों किया अपना श्राद्ध? सामने आई चौंकाने वाली वजह

Bharat Bhushan Tiwari Encounter: भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद उनके जीवन और एनकाउंटर को लेकर परिजनों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार के अनुसार, भरत ने पहले ही अपना श्राद्ध कर लिया था और शादी न करने का फैसला किया था।
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Updated: 22 Jun 2026, 5:04 PM IST
bharat tiwari Encounter case
भरत तिवारी (फोटो- bharat tiwari facebook)


Bharat Bhushan Tiwari Encounter: भरत भूषण तिवारी ने एक वर्ष पहले ही अपना श्राद्ध कर लिया था। इसके साथ ही उन्होंने अपने परिजनों से साफ कह दिया था कि वह शादी नहीं करेंगे। भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद उनकी मां ने राजस्थान पत्रिका से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब परिवार के लोगों ने उन्हें ऐसा करने से रोका था, तब भरत ने कहा था, "पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मेरे काम से नाराज हैं। वे कभी भी मेरी हत्या करवा सकते हैं। घर की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं है। बाबूजी के पास पैसे नहीं हैं। मुझे नहीं पता कि मेरी मौत के बाद आप लोग मेरा श्राद्ध कर पाएंगे या नहीं। इसलिए मैं अपना श्राद्ध खुद ही कर लेता हूं, ताकि मेरे जाने के बाद आप लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।" हालांकि, पुलिस मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद उनके परिजनों ने साफ कहा है कि वे उनका श्राद्ध तब तक नहीं करेंगे, जब तक उनकी मौत के जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती।

शादी से क्यों दूर रहे भरत तिवारी?

भरत भूषण तिवारी ने शादी भी नहीं की थी। उनकी मां के अनुसार, जब भी परिवार के लोग उनसे विवाह करने की बात करते थे, वह नाराज हो जाते थे। वह अक्सर कहा करते थे कि समाज सेवा के कारण उनके कई दुश्मन बन गए हैं। भरत का कहना था, "मेरे पास कई लोगों के काले कारनामों की जानकारी है और वे भी यह जानते हैं। इसलिए मेरे जीवन का कोई भरोसा नहीं है। मेरी कभी भी हत्या हो सकती है। ऐसे में मेरी मौत के बाद मेरी पत्नी और बच्चों की देखभाल कौन करेगा?"

वह आगे कहते थे कि "गरीब, दलित और जरूरतमंद लोग ही मेरा परिवार हैं। उनकी सेवा करना ही मैंने अपना धर्म मान लिया है।" इसी सोच के कारण उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का फैसला किया था। परिजनों के कई बार समझाने के बावजूद वह शादी के लिए कभी तैयार नहीं हुए।

'तीन नहीं, पांच गोली लगी'

भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि पुलिस ने गांव में भरत को तीन गोलियां लगने की बात कही थी, लेकिन जब उन्हें शव मिला तो उस पर पांच गोलियों के निशान थे। परिजनों का दावा है कि इनमें से दो गोलियां उनके निजी अंगों के पास लगी थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि ये अतिरिक्त गोलियां कब और कैसे लगीं, इसका जवाब पुलिस को देना चाहिए।

भरत की बहन ने आरोप लगाया कि उन्हें बेहद करीब से, सटाकर गोली मारी गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस ने भरत को हिरासत में लेने के बाद उसकी बेरहमी से पिटाई की थी। परिजनों के अनुसार, घटना के दौरान भरत की मां और भाभी ने पुलिसकर्मियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्हें वहां से हटा दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

Updated on:
22 Jun 2026, 5:04 PM IST
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