Bihar Teacher News शिक्षा विभाग के अनुसार, 2006 से 2015 के बीच नियुक्त अधिकांश शिक्षकों के रिकॉर्ड गायब हैं, जिसकी वजह से निगरानी विभाग को पूरे मामले की जांच करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
Bihar Teacher News: बिहार में नियोजित शिक्षक निगरानी के रडार पर हैं। शिक्षा विभाग ने लगभग 73 हज़ार शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच का जिम्मा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दिया है। पटना उच्च न्यायालय के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है। सूत्रों के अनुसार, इस जांच में राज्य के एक दर्जन विश्वविद्यालयों से जारी प्रमाणपत्र शामिल हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग की ओर से 17431 शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच के लिए संबंधित विश्वविद्यालयों को पत्र भेजा गया है, जबकि बिहार बोर्ड को 46 681 अंक‑पत्रों और प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने को कहा गया है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, निगरानी विभाग बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ‑साथ झारखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, ओडिशा और असम सहित कुछ अन्य राज्यों के निजी शिक्षण संस्थानों से जारी अंक‑पत्रों, प्रमाण‑पत्रों और शैक्षणिक प्रमाण‑पत्रों की जांच करेगा।
| विश्वविद्यालयों के नाम | शिक्षकों की संख्या |
| बीएन मंडल विश्वविद्यालय (मधेपुरा) | 3166 |
| आर्यभट ज्ञान विश्वविद्यालय (पटना) | 11 |
| नालंदा खुला विश्वविद्यालय | 223 |
| ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (दरभंगा) | 2413 |
| कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय | 890 |
| जय प्रकाश विद्यालय (छपरा) | 419 |
| वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय (आरा) | 2396 |
| मगध विश्वविद्यालय (बोधगया) | 4924 |
| पटना विश्वविद्यालय | 383 |
| तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय | 674 |
| बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (मुजफ्फरपुर) | 1932 |
शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किया है कि राज्य कोष से वेतन प्राप्त करने वाले सभी शिक्षकों को अब एक ही तिथि पर वेतन भुगतान किया जाएगा। विभाग ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) और जिला कार्यक्रम अधिकारियों (डीपीओ) को प्रत्येक माह 20 से 25 तारीख के बीच शिक्षकों की अनुपस्थिति विवरणी उपलब्ध कराने को कहा है। इस विवरणी के आधार पर जिला कार्यक्रम अधिकारी 25 तारीख तक वेतन विवरण तैयार कर 26 तारीख को कोषागार में भेजेंगे, ताकि शिक्षकों को समय पर वेतन मिल सके।