बिहार में सम्राट चौधरी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी ने ब्राह्मण चेहरों पर दांव लगाते हुए नीतीश मिश्रा और मिथिलेश तिवारी को मंत्री बनाया है। इसे 2027 यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी ने जातीय समीकरण साधते हुए ब्राह्मण चेहरों पर बड़ा दांव खेला है। इस विस्तार में बीजेपी कोटे से नीतीश मिश्रा और मिथिलेश तिवारी को सम्राट मंत्रिमंडल में जगह मिली है। इसके साथ ही यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि इन दोनों नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल कर बीजेपी ने आगामी 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति शुरू कर दी है। हालांकि, वरिष्ठ बीजेपी नेता मंगल पांडे को नई कैबिनेट में जगह नहीं मिल सकी।
बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत भी आज मंत्री पद की शपथ ली। मंत्री पद की शपथ लेने से पहले वे मंच पर अमित शाह का पैर छूकर आशीर्वाद लेते नजर आए। हालांकि वो जब झुक रहे थे, इससे पहले अमित शाह ने उन्हें रोका फिर उनसे हाथ मिलाए। वीडियो में दोनों नेता आपस में कुछ बातचीत करते भी दिखे। निशांत की अपने पिता नीतीश कुमार से आशीर्वाद लेते हुए तस्वीरें भी सामने आई हैं। तस्वीर में निशांत कुमार अपने पिता के पैर छुते दिख रहे हैं। इस दौरान, नीतीश कुमार ने भी अपने बेटे को सीने से लगा लिया।
इस अवसर पर जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री व जदयू नेता ललन सिंह भी मौजूद थे। निशांत ने संजय झा और ललन सिंह के भी पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने और राज्य सभा जाने की घोषणा के बाद बिहार की सक्रिय राजनीति में आए हैं।
सम्राट कैबिनेट के 32 नए मंत्री पटना के गांधी मैदान में शपथ लिए। इनमें बीजेपी से 15, जेडीयू से 13, LJP(R)-2, HAM और RLM से एक-एक मंत्री हैं। एक साथ 5 विधायकों ने शपथ लिया।
सम्राट मंत्रिमंडल में भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस बार अनुभव और क्षेत्रीय समीकरणों को प्राथमिकता दी गई है, जिसमें दिलीप जायसवाल, विजय कुमार सिन्हा, राम कृपाल यादव, प्रमोद चंद्रवंशी और लखेंद्र पासवान जैसे कद्दावर नेताओं को जगह मिली है। इनके साथ ही संजय सिंह टाइगर, रमा निषाद, नीतीश मिश्रा, केदार गुप्ता, मिथिलेश तिवारी, रामचंद्र प्रसाद, नंद किशोर राम, शैलेन्द्र कुमार, अरुण शंकर प्रसाद और श्रेयसी सिंह शामिल हैं।
जेडीयू की सूची में सबसे अधिक चर्चा नए चेहरों की है, जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं। उनके साथ शिवहर से विधायक डॉ. श्वेता गुप्ता और बुलो मंडल के रूप में नए नेतृत्व को मौका दिया गया है। वहीं, पुराने और भरोसेमंद चेहरों में श्रवण कुमार, मदन सहनी, लेसी सिंह, भगवान सिंह कुशवाहा, दामोदर रावत, सुनील कुमार, शीला मंडल, रत्नेश सदा, जमा खान और अशोक चौधरी पर मुख्यमंत्री ने एक बार फिर भरोसा जताया है।
एनडीए के अन्य सहयोगी दलों को भी नई कैबिनेट में सम्मानजनक स्थान मिला है। चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) की ओर से संजय सिंह और संजय पासवान के नाम फाइनल किए गए हैं। वहीं, जीतन राम मांझी की पार्टी 'हम' (से.) से संतोष सुमन और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम (RLM) से दीपक प्रकाश को मंत्रिमंडल में जगह मिली है।