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कैबिनेट विस्तार में बीजेपी के 5 और जदयू के 3 सरप्राइज, पहली बार मंत्री बने ये 8 नेता

Bihar Cabinet Expansion: बिहार में आज सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। 26 दिग्गज नेताओं के साथ-साथ 8 नए चेहरों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। जानिए कौन हैं ये 8 नेता। 

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पटना

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Anand Shekhar

May 07, 2026

new faces in bihar cabinet expansion

सम्राट चौधरी कैबिनेट में शामिल नए चेहरे (फ़ोटो-पत्रिका)

Bihar Cabinet Expansion: सम्राट चौधरी के बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के 22 दिन बाद आज गुरुवार को उनकी कैबिनेट का विस्तार हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम एनडीए नेताओं की मौजूदगी में आज कुल 32 मंत्रियों ने शपथ ली। जिसमें से उन 26 पुराने दिग्गजों को फिर से जिम्मेदारी मिली है, जो पहले भी मंत्री रह चुके हैं। वहीं, इस बार 8 नए चेहरों को भी पहली बार शामिल किया गया है, जिसमें बीजेपी के 5 और जदयू के 3 नाम शामिल हैं।

जदयू (JDU) के तीन नए चेहरे

निशांत कुमार: नए चेहरों में जदयू कोटे से सबसे बड़ा नाम निशांत कुमार का रहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने 8 मार्च 2026 को सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। इसके बाद से वो लगातार पार्टी नेताओं से मिल रहे थे और सद्भाव यात्रा भी शुरू की। अब उन्होंने मंत्री पद की शपथ भी ले ली है। निशांत ने बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। फिलहाल निशांत किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।

डॉ. श्वेता गुप्ता: शिवहर से विधायक डॉ. श्वेता गुप्ता इस कैबिनेट के सबसे पढ़े-लिखे चेहरों में से एक हैं। पेशे से डॉक्टर श्वेता ने बाहुबली आनंद मोहन के गढ़ में जीत दर्ज कर इतिहास रचा था। वे आजादी के बाद शिवहर की पहली महिला विधायक बनीं। श्वेता की छवि भी बेदाग है, उन पर किसी तरह का कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। श्वेता इस कैबिनेट की सबसे अमीर मंत्री में से एक हैं।

बुलो मंडल: भागलपुर के बिहपुर से आने वाले बुलो मंडल को शामिल कर जदयू ने अति पिछड़ा (EBC) कार्ड खेला है। गंगोता समाज से आने वाले बुलो मंडल की अपने क्षेत्र में गहरी पकड़ है। जदयू ने 2025 के चुनाव में गोपाल मंडल का टिकट काट कर बुलो मंडल को मैदान में उतारा था। बुलो मंडल शुरुआती दौर में राजद के साथ जुड़े हुए थे, उन्होंने 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के सीनियर नेता सैयद शाहनवाज हुसैन को हराया भी था। वो 2024 में जनता दल यूनाइटेड में शामिल हुए

भाजपा (BJP) के पांच नए मंत्री

मिथिलेश तिवारी: बैकुंठपुर के पूर्व विधायक मिथिलेश तिवारी भाजपा के संगठन में गहरी पैठ रखते हैं। ब्राह्मण समुदाय से आने वाले मिथिलेश को मंत्री बनाकर भाजपा ने सवर्ण वोट बैंक को सम्मान दिया है। वे अपनी वाकपटुता और आक्रामक राजनीति के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपना पहला चुनाव 2005 में भाजपा के टिकट पर कटेया विधानसभा से लड़ा था, लेकिन उस समय उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

नंद किशोर राम: 2025 के विधानसभा चुनाव में रामनगर सुरक्षित सीट से पहली बार चुनाव जीतकर नंद किशोर राम विधायक बने और अब उन्हें कैबिनेट में भी जगह मिल गई है। चमार (रविदास) समाज से आने वाले नंद किशोर को शामिल कर पार्टी ने दलित और महादलित वोट बैंक को सीधा संदेश दिया है। उनकी छवि एक जमीन से जुड़े और सादगी पसंद नेता की रही है।

केदार गुप्ता: कुढ़नी से विधायक केदार गुप्ता को मंत्रिमंडल में शामिल करना भाजपा की सोशल इंजीनियरिंग का हिस्सा है। वैश्य समुदाय (तेली) से आने वाले केदार गुप्ता ने पंचायत स्थर पर अपनी राजनीति की शुरुआत की थी, वो 15 साल तक मुखिया रहे, इसके बाद वो 2015 में पहली बार विधायक बने, लेकिन 2020 में हार गए और फिर साल 2022 के उपचुनाव में बड़ी जीत दर्ज कर उन्होंने अपनी ताकत दिखाई थी। इसके बाद उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव में भी बड़ी जीत हासिल की। उन्हें मंत्री बनाकर पार्टी ने पिछड़ों और व्यापारियों के वर्ग को साधने की कोशिश की है।

शैलेंद्र कुमार: भाजपा ने इंजीनियर शैलेंद्र कुमार को मंत्रिमंडल में शामिल कर भूमिहार समाज और सवर्णों के बीच अपनी पैठ को और पुख्ता किया है। बिहपुर विधानसभा सीट से तीब बार विधायक रहे शैलेंद्र कुमार अपनी सांगठनिक निष्ठा और क्षेत्र में सक्रियता के लिए जाने जाते हैं। उन्हें शामिल करना भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक को सहेजने की रणनीति का हिस्सा है।

रामचंद्र प्रसाद : तेली जाति से ताल्लुक रखने वाले रामचंद्र पासवान दरभंगा के हायघाट क्षेत्र से विधायक हैं। 2025 के चुनाव में सीपीआई के नेता श्याम प्रसाद को हराकर वो विधानसभा पहुंचे थे। इससे पहले इन्होंने 2020 का चुनाव भी जीता था। सक्रिय राजनीति में आने से पहले रामचंद्र का मुख्य पेशा कृषि था। एक साधारण परिवार से निकल कर वो आज मंत्री पद तक पहुंचे हैं। उनके पिता किराना दुकान चलाया करते थे।