
Bihar Cabinet Expansion: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में आज 32 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। इस कैबिनेट विस्तार की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें किसी एक वर्ग का दबदबा दिखाने के बजाय, बिहार की विविधता को तरजीह दी गई है। एनडीए ने इस बार अति पिछड़ा वर्ग (EBC) को सबसे ज्यादा तवज्जो देते हुए 08 मंत्री पद दिए हैं, जो राज्य के बड़े वोट बैंक पर पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
बीजेपी और जेडीयू ने मिलकर सवर्ण वर्ग को भी बड़ा प्रतिनिधित्व दिया है। कैबिनेट में कुल 8 सवर्ण मंत्रियों ने शपथ ली है। भाजपा ने विशेष रूप से सवर्णों को साधते हुए भूमिहार वर्ग से विजय कुमार सिन्हा और शैलेंद्र कुमार, ब्राह्मण जाति से नीतीश मिश्रा और मिथिलेश तिवारी को कैबिनेट में जगह मिली है। इसके अलावा 4 राजपूत नेताओं को भी कैबिनेट में जगह दी गई है, जिसमें भाजपा से श्रेयसी सिंह और संजय सिंह टाइगर, जेडीयू की ओर से लेसी सिंह (राजपूत) और लोजपा (रामविलास) से संजय सिंह का नाम शामिल है।
बिहार की राजनीति में अति पिछड़ा वर्ग (EBC) साइलेंट वोटर माना जाता है। सम्राट कैबिनेट में इस बार 8 EBC मंत्रियों को जगह मिली है, जो किसी भी अन्य वर्ग से अधिक है। इनमें बीजेपी से रमा निषाद, प्रमोद चंद्रवंशी और दिलीप जायसवाल जैसे नाम शामिल हैं, जबकि जेडीयू ने बुलो मंडल (गंगोता) और मदन सहनी (निषाद) जैसे चेहरों पर भरोसा जताया है। वहीं, OBC वर्ग से 7 मंत्रियों ने शपथ ली है, जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार (कुर्मी) और आरएलएम के दीपक प्रकाश (कुशवाहा) प्रमुख हैं।
एनडीए ने दलित और महादलित समुदायों को भी मंत्रिमंडल में प्रमुखता दी है। कुल 7 दलित चेहरों को कैबिनेट में जगह मिली है। चिराग पासवान की पार्टी से संजय पासवान और भाजपा से लखेंद्र पासवान (पासवान समुदाय) को शामिल कर इस वर्ग को साधा गया है। वहीं, जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन (मुसहर/महादलित) और जेडीयू के अशोक चौधरी (पासी) व रत्नेश सदा (मुसहर) ने दलित प्रतिनिधित्व को मजबूती दी है।
दोनों मुख्य दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियों के हिसाब से मंत्रियों का चुनाव किया है। बीजेपी ने 6 सवर्णों और 5 अति पिछड़ों पर सबसे ज्यादा फोकस किया है। दलितों और ओबीसी को 2-2 सीटें दी गई हैं। वहीं, जेडीयू की नीतीश कुमार की पार्टी ने समावेशी रुख अपनाते हुए 4 EBC, 3 OBC और 3 दलित (3) को समान महत्व दिया है, जबकि सवर्ण और अल्पसंख्यक से 1-1 चेहरा शामिल किया है।
कैबिनेट विस्तार में 5 महिला मंत्रियों को शामिल कर 'नारी शक्ति' का संदेश दिया गया है, जिनमें जेडीयू से सबसे ज्यादा 3 महिलाओं को मंत्री बनाया गया है। जदयू से लेसी सिंह, श्वेता गुप्ता और शीला मंडल ने मंत्री पद की शपथ ली है। वहीं भाजपा से 2 महिलाओं ने मंत्री पद की शपथ ली है, जिसमें श्रेयसी सिंह और रमा निषाद का नाम है।