पटना

Bihar Flood: भागलपुर में गंगा के बहाव से 400 मीटर तक कटा तटबंध, रेलवे ढाला बचाने के लिए उतारे गए 3 जहाज

Bhagalpur Flood: भागलपुर में काजीपुर-राघोपुर तटबंध पर हो रहे कटाव ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ADM कुंदन कुमार के अनुसार, अभी रेलवे तटबंध को सुरक्षित रखना प्राथमिकता है। नदी का बहाव इतना तेज था कि सामान्य नावें नाकाफी साबित हुईं, जिसके कारण प्रशासन को तीन बड़े कार्गो जहाज उतारने पड़े।
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Updated: 6 Sep 2026, 7:51 PM IST
Bihar Flood
भागलपुर में कटा तटबंध (फोटो- instagram@untold_bhagalpur)

Bihar Flood: बिहार के भागलपुर जिले में गंगा की तेज लहरों और उफनते पानी की वजह से काज़ीकोरिया-राघोपुर तटबंध का कटाव बढ़ गया है। 23 अगस्त की रात को यहां शुरू में 50 मीटर का कटाव हुआ था, जो अब बढ़कर 400 मीटर तक पहुंच गया है। तटबंध का यह अहम हिस्सा बह जाने के बाद, रेलवे तटबंध (ढाला) को बचाने के लिए पूरा प्रशासन जुट गया है। भागलपुर में आपदा प्रबंधन के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) कुंदन कुमार के मुताबिक, अगर रेलवे तटबंध टूटता है तो हजारों लोगों की आबादी वाला इलाका डूब सकता है। इसे रोकने के लिए मुख्यालय से आए एक्सपर्ट इंजीनियरों के साथ तीन बड़े जहाज तैनात किए गए हैं।

तीन बड़े जहाज तैनात, अधिकारी कर रहे कैंप

आपदा प्रबंधन ADM ने बताया कि नदी की मुख्य धारा के सीधे तटबंध की ओर मुड़ने के बाद कटाव तेजी से बढ़ा। शुरुआती तीन दिनों तक नावों और ट्रैक्टरों की मदद से जियो-बैग डालकर बहाव को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन शुरू में 50 मीटर का कटाव बढ़कर 200 मीटर और फिर 400 मीटर तक पहुंच गया।

ADM ने बताया कि नदी का बहाव इतना तेज था कि आम नावें नाकाफी साबित हुईं, इसलिए प्रशासन को तीन बड़े कार्गो जहाज तैनात करने पड़े। इन जहाजों का इस्तेमाल गंगा के दूसरे किनारे से भारी जियो-बैग लाने और उन्हें तटबंध के कमजोर हिस्सों पर डालने के लिए किया जा रहा है। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM), सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SP), ADM और नौगछिया सब-डिविजन के सभी प्रशासनिक अधिकारी दिन-रात मौके पर कैंप कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण

हालात की गंभीरता को समझते हुए, मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, ऊर्जा मंत्री और सड़क निर्माण मंत्री के साथ प्रभावित इलाके का हवाई और जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने तटबंध को सुरक्षित करने के लिए प्रशासनिक मशीनरी और जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों की कोशिशों की तारीफ की और उन्हें पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने निर्देश भी दिए कि किसी भी हाल में कोई बांध या तटबंध नहीं टूटना चाहिए।

28 पंचायतों में फैला पानी

ADM ने बताया कि गंगा का बाढ़ का पानी जिले के कई ब्लॉक के रिहायशी इलाकों में घुस गया है। बाढ़ से 28 पंचायतें और लगभग 48,000 लोग प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव कार्य चल रहे हैं, जिसमें SDRF और NDRF की टीमें 51 नावों के साथ लगातार गश्त कर रही हैं। अब तक 3,000 पॉलीथीन शीट बांटी जा चुकी हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग के छह कैंपों में 4,207 लोगों और 1,395 मवेशियों का इलाज किया गया है।

नाथनगर ब्लॉक की शंकरपुर और रत्तीपुर बैरिया पंचायतें पूरी तरह पानी में डूबी हुई हैं। वहां के लगभग 17 वार्डों के निवासी अपने परिवारों और मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं और शहर में T.N.B. कॉलेज, इवनिंग कॉलेज, बालनिकेतन, महाशय ड्योढ़ी, CTS चर्च ग्राउंड और पॉलिटेक्निक कॉलेज में शरण ली है। पॉलिटेक्निक कॉलेज कैंपस में हजारों जानवर पहुंचे हैं, इनमें से 2,500 का रजिस्ट्रेशन किया गया है और तीन दिन के लिए पर्याप्त चारा बांटने की व्यवस्था की गई है।

बनाए गए राहत कैंप

ADM ने बताया कि लोगों के विस्थापित होने की संभावना को देखते हुए, प्रशासन ने खरिक ब्लॉक में जाह्नवी चौक के पास गणेश बसा में तीन बड़े राहत कैंप बनाए हैं। इन कैंपों में टेंट, बिस्तर, फर्श की चटाई और तकिए जैसी सुविधाएं हैं और हर कैंप में 1,000 लोगों के रहने की क्षमता है। खाना खिलाने के लिए छह कम्युनिटी किचन चल रहे हैं। इसके अलावा, विस्थापित बच्चों की देखभाल और शिक्षा के लिए डेस्क और बेंच वाला एक मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र और एक अस्थायी स्कूल शुरू किया गया है, जहां शिक्षक और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तैनात हैं।

एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) ने बताया कि गंगा का जलस्तर अभी अपने उच्चतम स्तर पर है। उम्मीद है कि अगले दिन यह स्थिर हो जाएगा और उसके बाद घटने लगेगा। स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के अनुसार सभी टीमें हाई अलर्ट पर हैं।

Updated on:
6 Sep 2026, 7:51 PM IST
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