
बिहार और उत्तर प्रदेश में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई घाट पानी में डूबे, निचले इलाकों में भी बढ़ी बाढ़ की चिंता। (फोटो सोर्स-IANS)
Bihar flood alert: लगातार हो रही बारिश के बाद गंगा समेत कई नदियों का पानी तेजी से बढ़ रहा है। बिहार और उत्तर प्रदेश में इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। कहीं घाट पानी में डूब गए हैं तो कहीं निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगा है। बिहार में कई जगह गंगा और दूसरी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारी तेज कर दी है।
बिहार में बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में NDRF और SDRF की 33 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें 6 NDRF और 27 SDRF टीमें शामिल हैं। इन टीमों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद के लिए तैयार रखा गया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित जगहों तक पहुंचाने के लिए 693 सरकारी नावें भी चलाई जा रही हैं।
पटना के दीघा और गांधी घाट के अलावा मोकामा के हथिदह, बक्सर, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
दूसरी नदियों की स्थिति भी चिंता बढ़ा रही है। गंडक नदी गोपालगंज और वैशाली में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। खगड़िया और कटिहार में कोसी का पानी भी खतरे के निशान के पार है। इसके अलावा बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा नदी का जलस्तर भी कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बताया गया है।
प्रशासन ने प्रभावित जिलों में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई शुरू कर दी हैं। यहां जरूरतमंद लोगों के लिए खाने और रहने की व्यवस्था की जा रही है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की। अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक समय पर खाना और दूसरी जरूरी चीजें पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही निचले इलाकों और तटबंधों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। जल संसाधन विभाग को बक्सर से भागलपुर तक तटबंधों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से कई घाट डूब गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि दोनों नदियों का पानी अभी खतरे के निशान से नीचे है। संभावित बाढ़ को देखते हुए इलाके में 29 राहत शिविर तैयार रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को इन शिविरों में पहुंचाया जाएगा।
वाराणसी में भी गंगा का पानी बढ़ने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिलाधिकारी से फोन पर बात की और हालात की जानकारी ली। उन्होंने राहत शिविरों की तैयारियों के बारे में भी पूछा।
बिहार सरकार ने बाढ़ के पानी के साथ आने वाली अनजान या असामान्य दिखने वाली मछलियों को खाने से बचने की सलाह दी है। अधिकारियों के मुताबिक गंदे पानी और कचरे के संपर्क में आने से ऐसी मछलियों में संक्रमण हो सकता है। आने वाले दिनों में भी बारिश का अनुमान है। ऐसे में प्रशासन की नजर नदियों के जलस्तर, तटबंधों और निचले इलाकों पर बनी हुई है।
Updated on:
05 Sept 2026 11:53 am
Published on:
05 Sept 2026 11:52 am
