पटना

बिहार में 30% कम बारिश, फिर क्यों आई इतनी भीषण बाढ़? CM सम्राट चौधरी ने UP, नेपाल और MP के पानी को बताया जिम्मेदार

Bihar Flood Reason: बिहार में कम बारिश के बावजूद इस साल बाढ़ ने बड़े इलाके को प्रभावित किया है। 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि नेपाल के साथ-साथ सोन नदी के जरिए मध्य प्रदेश और झारखंड तथा उत्तर प्रदेश की ओर से आए पानी ने कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति को गंभीर बनाया।
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Updated: 15 Sep 2026, 3:48 PM IST
Bihar Flood 2026
Bihar Flood 2026 :बिहार में गंगा का जलस्तर बढ़ा (फोटो सोर्स: ANI)

Bihar Flood: बिहार में इस साल सामान्य से लगभग 30% कम बारिश होने के बावजूद राज्य के 15 जिले बाढ़ से जूझ रहे हैं। बाढ़ से प्रभावित 8,27,472 परिवारों के बैंक खातों में मंगलवार को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए कुल 579.23 करोड़ की राहत राशि भेजी गई। लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में आर्थिक सहायता जारी करते हुए, सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि कोई भी पात्र परिवार राहत से वंचित न रहे और पुनर्निर्माण का काम तय समय में पूरा किया जाए।

कम बारिश के बावजूद भीषण बाढ़

राहत राशि जारी करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य में स्थानीय स्तर पर औसत से 30% से कम बारिश हुई थी। इसके बावजूद, पड़ोसी क्षेत्रों और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आए पानी के तेज बहाव के कारण बिहार के मैदानी इलाके जलमग्न हो गए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नेपाल से छोड़े गए पानी, सोन नदी के जरिए मध्य प्रदेश और झारखंड से आए पानी और उत्तर प्रदेश की तरफ से जलप्रवाह की वजह से कई इलाकों में पानी का दबाव बढ़ गया, जिससे राज्य की मुख्य नदियां उफान पर आ गईं। इस वजह से भागलपुर, बेगूसराय और सारण समेत कई जिलों में तटबंध टूट गए, जहां जल संसाधन विभाग ने तुरंत मरम्मत का काम शुरू कर दिया।

15 जिलों में 50 लाख आबादी और 55 हजार हेक्टेयर फसल प्रभावित

इस साल बाढ़ ने ग्रामीण और शहरी, दोनों इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि 15 जिलों में 88 ब्लॉक, 575 ग्राम पंचायतें और 2,642 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इसके अलावा, 21 शहरी केंद्रों के 136 वार्ड भी प्रभावित हुए हैं, जिससे इस आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित लोगों की कुल संख्या लगभग 50 लाख हो गई है। साथ ही जलभराव के कारण 55,000 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि में फसलें बर्बाद हो गई हैं।

पानी उतरने तक मदद रहेगी जारी

सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की 21 टीमें तैनात की गई हैं। राज्य भर में 1,200 से ज्यादा कम्युनिटी किचन बनाए गए हैं, जिनसे अब तक बाढ़ पीड़ितों को लगभग 1.28 करोड़ बार खाना दिया जा चुका है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे यह पक्का करें कि लोगों के घरों और खेतों से बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने तक राहत कैंप और खाना बांटने का काम बिना किसी रुकावट के जारी रहे।

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15 Sep 2026, 3:48 PM IST
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