
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव (फोटो- Pappu yadav FB)
Bihar Flood: पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़ को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। पटना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र से सवाल किया कि उनमें और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह में आखिर क्या फर्क है। पप्पू यादव ने कहा कि 2008 की कोसी बाढ़ के दौरान मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी ने खुद प्रभावित इलाकों का दौरा किया था और संकट को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया था, जबकि आज 56 लाख लोग फंसे हुए हैं, फिर भी केंद्र की ओर से एक ट्वीट तक नहीं आया है।
पुरानी UPA सरकार की मौजूदा NDA सरकार से तुलना करते हुए पप्पू यादव ने कहा, "प्रधानमंत्री से मेरा पहला सवाल है कि आपमें और मनमोहन सिंह में क्या अंतर है? मनमोहन सिंह बिना फिजूलखर्ची, नफरत, सोशल मार्केटिंग या मीडिया हाइप के राष्ट्र-निर्माण के लिए समर्पित थे। 2008 में जब कोसी-सीमांचल क्षेत्र के आठ जिले जलमग्न हो गए थे, तो वे खुद आए थे, सोनिया गांधी भी आई थीं और स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया गया था।"
पप्पू यादव ने आगे कहा कि आज बिहार के 19 से 22 जिले और 1.46 लाख हेक्टेयर जमीन पानी में डूबी हुई है। 56 लाख लोग प्रभावित हैं और पिछले 10 दिनों से कोसी, गंडक और गंगा का दूषित पानी पीकर गुजारा कर रहे हैं। न तो प्लास्टिक शीट हैं, न ब्लीचिंग पाउडर और न ही दवाइयां, गांवों में लोग सांप के काटने से मर रहे हैं। फिर भी, हिंदुस्तान का दिल कहे जाने वाले बिहार के लिए न प्रधानमंत्री ने कोई संवेदना दिखाई, न तो कोई ट्वीट किया है और न ही किसी राहत पैकेज की घोषणा की है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में नेताओं की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए पप्पू यादव ने कहा कि चूंकि अभी बिहार में चुनाव नहीं हो रहे हैं, इसलिए सत्ताधारी पार्टी का कोई भी बड़ा नेता यहां दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव का समय होता, तो प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, अन्य केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और सभी स्तर के नेता जमीन पर सक्रिय दिखते। चुनाव के दौरान यहां सैकड़ों हेलीकॉप्टर उड़ते हैं, लेकिन आज जब 56 लाख लोग कीड़े-मकोड़ों से भी बदतर जिंदगी जीने को मजबूर हैं, तो जनता का हाल-चाल जानने के लिए एक भी हेलीकॉप्टर नहीं भेजा गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए पप्पू यादव ने कहा कि राज्य में लगभग 25 वर्षों से चल रहे डबल इंजन सरकार के मॉडल के तहत अमित शाह ने किसी भी कीमत पर बिहार को बाढ़ मुक्त बनाने का वादा किया था। उन्होंने पूछा, "अमित भाई, उस वादे का क्या हुआ? क्या आपको वह याद भी है? अगर याद होता तो आप स्थिति का जायजा लेने आते, क्योंकि बाढ़ का मुद्दा आपके अधिकार क्षेत्र में आता है।"
पप्पू यादव ने आगे कहा कि बिहार में कोई नई फैक्ट्री नहीं लगी, पलायन नहीं रुका और चीनी मिलें नहीं बचीं। इसके बजाय, बेरोजगारी और गरीबी बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में व्यस्त हैं, जबकि मीडिया का एक बड़ा हिस्सा बिहार में आए इस बड़े मानवीय संकट को नजरअंदाज कर रहा है।
Updated on:
14 Sept 2026 06:59 pm
Published on:
14 Sept 2026 06:16 pm
