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Bihar MLC Election: RJD-कांग्रेस तकरार पर जदयू का तंज, श्रवण कुमार बोले- स्वार्थ सिद्धि नहीं हुई तो बिखर गया महागठबंधन

Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले स्नातक-शिक्षक निर्वाचन को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। RJD ने छह सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया, जिसके बाद कांग्रेस ने गठबंधन धर्म का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। अब JDU ने भी महागठबंधन पर हमला बोला है। मंत्री श्रवण कुमार ने इसे 'स्वार्थ का गठबंधन' बताते हुए कहा कि RJD और कांग्रेस के उम्मीदवारों की हार सुनिश्चित है।
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पटना

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Anand Shekhar

Sep 13, 2026

Bihar MLC Election

बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार (फोटो- ANI)

Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों के लिए होने वाले चुनावों से पहले महागठबंधन की तकरार खुलकर सामने आ गई हैं। कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से नाराज है क्योंकि उसने अपने सहयोगियों से सलाह किए बिना छह सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए। इस पर तंज कसते हुए जदयू नेताओं ने महागठबंधन के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिए हैं। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि गठबंधन पूरी तरह से टूट चुका है, जबकि वरिष्ठ मंत्री श्रवण कुमार ने इसे स्वार्थ की नींव पर बना गठबंधन बताया।

महागठबंधन का कोई अस्तित्व नहीं बचा: उमेश कुशवाहा

राजद द्वारा प्रत्याशियों की एकतरफा घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा, "अब महागठबंधन बचा ही कहां है? मैंने तो पहले ही कहा था कि महागठबंधन पूरी तरह बिखर चुका है। जहां तक हमारे गठबंधन (NDA) का सवाल है, शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर बातचीत चल रही है और हम बहुत जल्द अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेंगे।

महागठबंधन को श्रवण कुमार ने बताया स्वार्थ का गठबंधन

RJD और कांग्रेस के बीच चल रही खींचतान पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि यह महागठबंधन सिर्फ स्वार्थ का गठबंधन है। जब अपना फायदा होता है तो सब साथ मिलकर काम करते हैं, लेकिन जैसे ही फायदा नहीं मिलता, वे अलग होने लगते हैं। स्वार्थ पर आधारित यह गठबंधन लंबे समय से चल रहा है और इस बार भी जनता उन्हें पूरी तरह से साफ कर देगी।

कांग्रेस को आईना दिखाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को तेजस्वी यादव से पूछना चाहिए कि जब उन्हें फायदा चाहिए होता है तो वे कांग्रेस का समर्थन क्यों मांगते हैं, लेकिन जब कांग्रेस के अपने हितों की बात आती है तो वे एकतरफा फैसले क्यों लेते हैं? आखिर ऐसा गठबंधन कब तक चल सकता है? चाहे कांग्रेस का उम्मीदवार मैदान में उतरे या RJD का, किसी भी स्थिति में दोनों की हार तय है।

JDU खत्म हो जाएगी वाले दावे पर भी पलटवार

श्रवण कुमार ने विपक्ष के उन दावों का भी जवाब दिया जिनमें कहा गया था कि JDU कमजोर हो रही है या खत्म होने की कगार पर है। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी ऐसी ही भविष्यवाणियां की गई थीं, फिर भी पार्टी ने 12 सीटें जीतीं। इसी तरह, विधानसभा चुनाव के दौरान भी ऐसे दावे किए गए थे, लेकिन JDU ने 85 सीटें हासिल कीं।

श्रवण कुमार ने JDU नेताओं अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच कथित मतभेद से जुड़े सवालों पर जवाब देते हुए कहा कि पार्टी के सभी नेता और विधायक एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि भले ही अखबारों और टेलीविजन पर ऐसी खबरें चलें, लेकिन पार्टी इसे कोई बड़ा विवाद नहीं मानती। उन्होंने आगे दावा किया कि NDA आगामी MLC चुनावों में सभी सीटें जीतेगी।

आरजेडी ने 6 उम्मीदवारों के नाम का किया ऐलान

गौरतलब है कि RJD ने आठ में से छह सीटों पटना शिक्षक, सारण शिक्षक, पटना स्नातक, कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक और तिरहुत स्नातक के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। जिस पर कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने RJD पर गठबंधन के नियमों को तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि इस कदम से सीधे तौर पर BJP को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि अगर RJD, BJP की मदद करना चाहती है, तो वह खुलकर उनके साथ मिल सकती है।