
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (इमेज सोर्स: ani)
Bihar Flood: बिहार में बाढ़ को लेकर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य की सम्राट सरकार पर हमला बोला है। रविवार को पटना में पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राज्य में 45 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं, लेकिन केंद्र से कोई खास राहत पैकेज नहीं मिला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह डबल इंजन सरकार का दावा करने वालों का सच है, जहां दोनों ही इंजनों में आग लग चुकी है और जनता को केवल ठेंगा मिला है।
केंद्र में बिहार का प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्रियों की काबिलियत पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, "NDA के पास बिहार से 30 से ज्यादा सांसद और लगभग सात केंद्रीय मंत्री हैं। एक मंत्री भेड़-बकरी पालन मंत्रालय संभालते हैं, दूसरे के पास कपड़ा मंत्रालय है और तीसरे गेहूं-चावल बांटने वाले विभाग के प्रभारी हैं। फिर भी, इनमें से किसी भी केंद्रीय मंत्री में केंद्र से बिहार के लिए खास राहत पैकेज या आर्थिक मदद दिलाने का दम नहीं है। सरकार उनकी है, सांसद उनके हैं और मंत्री भी उनके हैं, लेकिन असल में बिहार को मिला क्या? ठेंगा।"
केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर गुजरात में भारी बारिश होती है, तो स्थिति को तुरंत राष्ट्रीय आपदा की गंभीरता से लिया जाता है, प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंस करते हैं और राहत पैकेज की घोषणा की जाती है। तेजस्वी ने पूछा, "क्या प्रधानमंत्री बिहार को देश के बाकी हिस्सों से अलग मानते हैं? चुनाव के दौरान वे आते हैं, वोट मांगते हैं और लिट्टी-चोखा खाते हैं। लेकिन अब, जब 45 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ के पानी के बीच तबाही का सामना कर रहे हैं, तो उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।"
2008 की कोसी त्रासदी का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने बताया कि तब केंद्र सरकार के बड़े नेताओं ने घटनास्थल का दौरा किया था और लालू प्रसाद यादव की कोशिशों से एक खास आर्थिक पैकेज मिला था।
राज्य सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार का सरकारी खजाना पूरी तरह खाली है। उन्होंने कहा कि पेंशन बांटने और रेगुलर स्कीमें चलाने के लिए सरकार को कंटीजेंसी फंड से 3,000 से 4,000 करोड़ रुपये निकालने पड़े हैं। इससे साफ पता चलता है कि सरकार के पास इस आपदा से निपटने के लिए जरूरी बजट नहीं है, जिसकी वजह से जमीन पर राहत और बचाव कार्य पूरी तरह से ठप पड़ गए हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की कि बिहार में आई भयानक बाढ़ को तुरंत राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए और पीड़ितों के लिए जल्द ही एक स्पेशल पैकेज जारी किया जाए। साथ ही, उन्होंने राहत सामग्री बांटने और बचाव कार्य करने में मदद के लिए सेना, वायु सेना और हेलीकॉप्टरों को तैनात करने की भी मांग की।
उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को भी राघोपुर में नदी के किनारे कटाव जैसे मुद्दों के बारे में पत्र लिखा था, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई जवाब या जवाबदेही देखने को नहीं मिली है।
Updated on:
13 Sept 2026 04:07 pm
Published on:
13 Sept 2026 04:05 pm
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