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IRCTC Case: आरोप तय होने पर शक्ति यादव बोले- कॉरपोरेट घरानों के हजारों करोड़ माफ, रेल संवारने वाले लालू पर फर्जी केस

IRCTC Money Laundering Case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश के बाद RJD ने केंद्र और BJP पर तीखा हमला बोला है। RJD नेता शक्ति सिंह यादव ने इस मामले को फर्जी और बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया।
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पटना

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Anand Shekhar

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Updated: 11 Sep 2026, 3:47 PM IST

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राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव (फोटो- X@shaktiyadav)

IRCTC Case: IRCTC होटल आवंटन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत नौ लोगों पर कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने पर राष्ट्रीय जनता दल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। RJD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने इसे भाजपा की बदले की भावना से प्रेरित फर्जी केस बताया। उन्होंने कहा कि जहां केंद्र सरकार बड़े उद्योगपतियों के लाखों करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर रही है, वहीं भारतीय रेलवे को मुनाफे में लाने वाले लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को केंद्रीय एजेंसियों के जरिए परेशान किया जा रहा है।

कॉर्पोरेट्स पर मेहरबानी, रेलवे संवारने वाले लालू पर झूठा केस : शक्ति यादव

शक्ति सिंह यादव ने कहा कि हैरानी होती है कि इस देश में बड़े-बड़े कॉर्पोरेट घरानों के 10 हजार, 12 हजार, 22 हजार और 25 हजार करोड़ रुपये तक के कर्ज माफ किए जा रहे हैं। लेकिन जिस लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते हुए रिकॉर्ड बनाए, देश और बिहार में कारखाने लगाए। लेकिन आज उन्हें फर्जी मामलों में घसीटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि खुद रेलवे ने कभी किसी वित्तीय गबन या हेराफेरी की बात स्वीकार नहीं की है।

बिहार में 90 हजार करोड़ का हिसाब गायब : शक्ति यादव

जांच एजेंसियों पर सवाल उठाते हुए राजद प्रवक्ता ने कहा कि बिहार में 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी फंड का कोई हिसाब-किताब नहीं मिल रहा है, लेकिन उस पर कोई केंद्रीय एजेंसी या संस्था जांच नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है, हत्याओं पर एफआईआर तक दर्ज नहीं होती, लेकिन लालू परिवार को सियासी नुकसान पहुंचाने के लिए मनगढ़ंत मामलों में तेजी दिखाई जाती है।

कोर्ट में नहीं टिक पाएगा मामला: शक्ति यादव

शक्ति यादव ने कहा कि फैसला जांच और पूछताछ से जुड़े उन दस्तावेजों के आधार पर होगा जो कोर्ट के सामने पेश किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह मामला पूरी तरह से मनगढ़ंत है, बदले की भावना से प्रेरित है और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के जरिए रचा गया है। उन्होंने कहा कि यह झूठा केस कोर्ट में टिक नहीं पाएगा और जल्द ही खत्म हो जाएगा। लालू परिवार का राजनीतिक और सामाजिक वजूद भारतीय जनता पार्टी के लिए हमेशा से परेशानी का सबब रहा है, इसीलिए ये दुर्भावनापूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

लालू के परिवार समेत 9 लोगों पर आरोप

गुरुवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC होटल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव सहित नौ आरोपियों के खिलाफ PMLA की धारा 3 और 4 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया। कोर्ट ने मामले में शामिल सोलह आरोपियों में से सात को बरी भी कर दिया। औपचारिक आरोप 3 अक्टूबर को तय किए जाएंगे।

क्या है मामला?

यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि रांची और पुरी में BNR होटलों के रखरखाव के लिए कॉन्ट्रैक्ट देने की प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई थी। इसके बदले में, पटना में जमीन का एक कीमती टुकड़ा कम कीमत पर एक ऐसी कंपनी ने हासिल किया, जिसके तार बाद में लालू परिवार से जुड़े पाए गए। एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने इस कथित लेन-देन को अपराध से हुई कमाई से जोड़ते हुए PMLA के तहत मामला दर्ज किया।