
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (इमेज सोर्स: ani)
Bihar Flood: बिहार में आई बाढ़ के बीच केंद्र सरकार के एक केंद्रीय टीम भेजने के फ़ैसले पर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने तीखा हमला बोला है। केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक केंद्रीय टीम 16 सितंबर को बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करके स्थिति का जायज़ा लेने वाली है। इस पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी यादव ने पूछा कि जब गुजरात में बारिश होते ही तुरंत आर्थिक पैकेज जारी कर दिया जाता है, तो बिहार में 45 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने के बाद भी केवल खानापूर्ति और आकलन के नाम पर समय क्यों बर्बाद किया जा रहा है?
पटना में मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि टीम भेजने का विचार उन्हें बहुत देर से आया, यह कदम तब उठाया गया जब उन्होंने बार-बार पत्र लिखे और मांगें उठाईं। अब अगर टीम आ रही है, तो उसे सिर्फ खानापूर्ति नहीं करनी चाहिए। तेजस्वी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी तो गुजरात में बारिश होते ही उसी समय पैकेज अनाउंस कर देते हैं और यहां वो टीम भेजकर केवल आकलन करवाएंगे।
तेजस्वी यादव ने आगे कहा, "बिहार सरकार क्या है? उन्हीं की तो सरकार है। तो क्या इन लोगों को नहीं पता कि जमीनी हालात क्या हैं? क्या ये नहीं बता सकते कि कितने लोगों की मौत हुई है और 45 लाख से ज्यादा लोग किस कदर परेशान हैं? बिहार सरकार अंधी है क्या? क्या अमित शाह जी को बिहार सरकार पर ही भरोसा नहीं है? केंद्र सरकार को तुरंत सीधे राहत पैकेज देना चाहिए और मदद पहुंचानी चाहिए। कब टीम आएगी, कब आकलन करेगी, सिर्फ खानापूर्ति होगी और बिहार को मिलेगा सिर्फ ठेंगा।"
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री की कोई हैसियत बची भी है। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी सिर्फ एक रबर स्टाम्प मुख्यमंत्री बनकर रह गए हैं। अमित शाह जो भी कहते हैं, वे बस उस पर अपनी मंजूरी की मुहर लगा देते हैं। न तो उनमें कोई विजन है और न ही कोई स्वतंत्र सोच। वे केंद्र से बिहार का वाजिब हक भी नहीं मांग सकते। इन अधिकारों को मांगने के ख्याल से ही वे कांपने लगते हैं।
जब यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर जदयू के रुख के बारे में पूछा गया, तो तेजस्वी यादव ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब जदयू में संजय झा ही सब कुछ तय करते हैं और वे एक बीजेपी एजेंट हैं जो पार्टी को बर्बाद करने पर तुले हैं। तेजस्वी ने आगे कहा कि UCC पर जदयू की स्थिति के बारे में सवाल उन नेताओं से ही पूछे जाने चाहिए, क्योंकि वे सरकार का हिस्सा हैं।
बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम सम्राट चौधरी से फोन पर बात की थी। इसके बाद, राज्य में एक उच्च-स्तरीय केंद्रीय टीम भेजने का फैसला किया गया, जिसका नेतृत्व केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। यह टीम 16 सितंबर को बिहार पहुंचेगी और बाढ़ से प्रभावित 15 ज़िलों का दौरा करके फ़सलों, बुनियादी ढांचे और जान-माल को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करेगी। ज़मीनी स्तर पर किए गए इस आकलन के आधार पर केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसके बाद राज्य के लिए सहायता और राहत उपायों के बारे में फैसला लिया जाएगा।
Updated on:
14 Sep 2026, 9:52 PM IST
Published on:
14 Sep 2026, 9:52 PM IST
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