15 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

UCC पर बिहार में बढ़ सकती है गृह मंत्री अमित शाह की मुश्किलें, डिप्टी सीएम और जेडीयू नेता विजय चौधरी ने कही समीक्षा की बात

JDU On UCC: अमित शाह के 2029 से पहले सभी 21 एनडीए शासित राज्यों में UCC लागू करने के बयान पर बिहार में सियासत तेज है। विजय चौधरी ने कहा कि बिल के प्रावधानों की समीक्षा और गृह मंत्री से बातचीत के बाद जेडीयू फैसला करेगी।
2 min read
Google source verification

पटना

image

Anurag Animesh

Sep 15, 2026

ucc news

गृह मंत्री अमित शाह(फोटो-IANS)

Uniform Civil Code: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के बयान के बाद बिहार में इस मुद्दे पर सहयोगी दल जेडीयू ने अपने पत्ते पूरी तरह नहीं खोले हैं। बिहार के डिप्टी सीएम और जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी ने साफ कहा है कि पहले यह देखना होगा कि UCC का बिल किस रूप में सामने आता है। इसके प्रावधानों की समीक्षा और गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत के बाद ही पार्टी इस पर कोई फैसला करेगी।

विजय चौधरी बोले- पहले बिल का स्वरूप देखना होगा

विजय कुमार चौधरी ने कहा कि UCC को लेकर अभी सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि बिल किस रूप में पेश किया जाता है। उन्होंने कहा कि जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि बिल के प्रावधानों की समीक्षा की जाएगी और इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह से सीधे बातचीत होगी। उन्होंने बताया कि अमित शाह से बातचीत के बाद जेडीयू के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। पार्टी की बैठक और विचार-विमर्श के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। चौधरी के मुताबिक, अगर पार्टी को UCC के किसी प्रावधान को लेकर चिंता या समस्या दिखाई देती है तो वह गृह मंत्री के सामने अपनी बात रखेगी और उन मुद्दों पर ध्यान देने का अनुरोध करेगी।

अमित शाह के बयान के बाद तेज हुई सियासत

दरअसल, अमित शाह ने हाल ही में कहा है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए की सरकार वाले सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। उनके इस बयान के बाद एनडीए के भीतर और विपक्षी दलों के बीच UCC को लेकर बहस तेज हो गई है। बिहार में जेडीयू लंबे समय से कई मुद्दों पर बीजेपी से अलग रुख रखती रही है। ऐसे में विजय चौधरी का बयान संकेत देता है कि UCC पर पार्टी किसी भी फैसले से पहले प्रस्तावित कानून के प्रावधानों को बारीकी से देखना चाहती है। हालांकि, जेडीयू ने फिलहाल UCC को सीधे तौर पर खारिज नहीं किया है। पार्टी का रुख बिल सामने आने और उसके प्रावधानों की समीक्षा के बाद तय होने की बात कही गई है।

ओवैसी ने भी बीजेपी पर साधा निशाना

उधर, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी अमित शाह के UCC वाले बयान पर तीखा हमला बोला है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी समान नागरिक संहिता को समानता के लिए नहीं, बल्कि देश के मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए आगे बढ़ा रही है। ओवैसी ने कहा कि बीजेपी ने अपने राज्यों और सरकारी स्तर पर UCC को करीब 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया है। उन्होंने दावा किया कि UCC से जुड़े कुछ प्रस्ताव संविधान के अनुच्छेद 25, 14, 26 और 29 के तहत मिले अधिकारों पर सवाल खड़े करते हैं।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग