पटना

बिहार: जन सुनवाई में रिश्वत का ‘लाइव’ खुलासा, मंत्री के सामने ही डाटा एंट्री ऑपरेटर ने मांगे 50 हजार रुपये

बिहार में भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। राज्य सरकार के मंत्री की जन सुनवाई के दौरान एक डाटा एंट्री ऑपरेटर ने फरियादी से फोन पर ही 50 हजार रुपये की कथित रिश्वत मांग ली। मंत्री ने बातचीत सुनते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मी को निलंबित करने का निर्देश दिया।
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Aug 01, 2026
bihar minister

बिहार सरकार के मंत्री लखींद्र पासवान के सामने ही कथित रिश्वतखोरी का चौंकाने वाला मामला सामने आया। जन सुनवाई के दौरान सीतामढ़ी के एक फरियादी ने आरोप लगाया कि एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत मिलने वाली अनुदान राशि जारी करने के बदले उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने फरियादी कमलेश पासवान से संबंधित डाटा एंट्री ऑपरेटर को तुरंत फोन लगाने को कहा। मंत्री के सामने ही कमलेश ने कॉल किया। फोन उठाते ही डाटा एंट्री ऑपरेटर ने एक बार फिर 50 हजार रुपये की मांग दोहरा दी। यह बातचीत सुनकर मंत्री, मौजूद अधिकारी और अन्य लोग भी हैरान रह गए। इसके बाद मंत्री ने तत्काल संबंधित डाटा एंट्री ऑपरेटर को निलंबित करने का निर्देश दे दिया।

रिश्वत मांगने वाला ऑपरेटर निलंबित

फोन पर रिश्वत मांगने की बात सामने आते ही बिहार सरकार के मंत्री लखींद्र पासवान ने तत्काल सीतामढ़ी के जिला कल्याण पदाधिकारी (डीडब्ल्यूओ) को फोन किया। उन्होंने पूछा, "चंदन कुमार कौन हैं?" इस पर अधिकारी ने बताया कि वह विभाग में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। इसके बाद मंत्री ने उसे तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया। मंत्री ने अधिकारी को पूरी घटना की जानकारी देते हुए कहा, "अभी मेरे सामने उसकी कॉल रिकॉर्ड हुई है। एससी-एसटी केस संख्या 129/26 में अनुदान राशि जारी करने के बदले वह 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। उसे तुरंत निलंबित करें।" जब जिला कल्याण पदाधिकारी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, तो मंत्री ने कहा, "एक घंटे के भीतर उसे निलंबित कर कार्रवाई सुनिश्चित करें। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो आपके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।"

जीरो टॉलरेंस नीति पर सरकार अडिग

इसके बाद बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। किसी भी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने या अनियमितता बरतने की शिकायत को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ तत्काल विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट उन्हें भी उपलब्ध कराई जाए।

Updated on:
01 Aug 2026 04:01 pm
Published on:
01 Aug 2026 03:12 pm