Bihar politics : कांग्रेस का विधानसभा चुनाव में टिकट देने के नाम पर कांग्रेस नेता ने अपने सीनियर नेता पर पैसा लेकर टिकट दिलाने का आरोप लगाया।
Bihar politicsबिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद पार्टी में पैसा लेकर टिकट बंटवारे का मामला चर्चा में है। पहले कांग्रेस सेवा दल के पूर्व उपाध्यक्ष आदित्य पासवान ने व्हाट्सएप चैट शेयर कर कांग्रेस नेता सुरेश पासी पर टिकट दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप लगाया था। यह मामला अभी शांत भी नहीं पड़ा था कि दरभंगा में कांग्रेस नेता राम नारायण झा ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्य सभा सदस्य अखिलेश प्रसाद सिंह पर 16 लाख रूपया लेकर दिल्ली के चमड़ा व्यापारी मोहम्मद नौशाद को एआईसीसी सदस्य बनवा दिया। इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता बिहार कांग्रेस प्रभारी और वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम से मिलकर शिकायत करना चाह रहे थे, लेकिन दोनों नेताओं से नहीं मिलने पर वे भड़क गए और पत्रकारों के सामने ही बंद कमरे की पूरी बता बता दी।
दरअसल, कांग्रेस दरभंगा में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया था, लेकिन, इस कार्यक्रम में पार्टी के कुछ नेताओं ने अपने ही पार्टी के सीनियर नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनपर कई गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है। कांग्रेस नेता राम नारायण झा ने तमाम कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के सामने ही जमकर नारेबाजी की और अपनी नाराजगी प्रकट की। हंगामा बढ़ता देख मदन मोहन झा ने विवाद शांत करने का बहुत प्रयास किया, लेकिन हंगामा करने वाले किसी की नहीं सुन रहे थे।
दरअसल संवाद कार्यक्रम समाप्त होने से पहले ही कांग्रेस बिहार के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के सामने कांग्रेस दफ्तर में कांग्रेस नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। करीब 10 मिनट तक हंगामा चलता रहा। कुछ कार्यकर्ताओं ने अपने हाथ में पार्टी के झंडे ले लिए और उसमें लगे डंडे भी चलाए।
इससे पूर्व आदित्य पासवान ने सुशील पासी और डॉ गौतम के बीच टिकट को लेकर हुए व्हाट्सएप चैट शेयर किया है। डॉ गौतम का आरोप है कि राजवंशी ने रक्सौल से टिकट दिलाने के नाम पर 12 लाख रूपया लिया था। लेकिन, राजवंशी ने टिकट नहीं दिलाया था। बता दें कि सुशील पासी बिहार कांग्रेस के उत्तर बिहार के सह प्रभारी थे और राजवंशी पर्यवेक्षक थे। आदित्य पासवान ने व्हाट्सएप चैट शेयर करते हुए आरोप लगाया कि दोनों सुशील पासी और राजवंशी ने डॉ गौतम से टिकट दिलाने के नाम पर पैसा लिया और दिकट बिहार सरकार के पूर्व मंत्री रमा देवी के देवर और जदयू नेता श्याम बिहार प्रसाद को टिकट दे दिया था।