
Bihar Weather: बिहार में ठंड का प्रभाव अब खुलकर दिखने लगा है। बीते कुछ दिनों से सुबह-शाम की ठिठुरन बढ़ गई है और लोगों को रजाई और गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। उत्तर-पश्चिम से आने वाली पछुआ हवाओं की वजह से तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है, जिससे राज्य का मौसम नवंबर के मध्य में ही दिसंबर जैसा महसूस होने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में शीतलहर और घने कोहरे की चेतावनी जारी की है।
IMD के ताजा अनुमान के अनुसार, सोमवार 17 नवंबर को बिहार का आसमान अधिकतर साफ रहेगा, लेकिन तापमान में गिरावट के साथ ठंड का असर तेज होगा। पटना का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की संभावना है। वहीं, राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से लेकर 14 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड हो सकता है। विशेषकर सीमांचल और मिथिलांचल जैसे कटिहार, पूर्णिया, खगड़िया, अररिया और किशनगंज में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री कम दर्ज होने की संभावना है, जिसके चलते शीतलहर की स्थिति बन सकती है।
बिहार के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना है। पूर्वी और उत्तरी बिहार के जिलों में सुबह के समय विजिबिलिटी कम होने का अनुमान है, जिससे यात्रियों, किसानों और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए परेशानी की स्थिति बन सकती है। हालांकि पटना में आसमान साफ रहने की संभावना है।
राज्य में पछुआ हवाओं के असर से सिहरन बढ़ी हुई है। हालांकि सुबह हवा की गति कम रहेगी, जबकि दोपहर में हवा लगभग 4-5 किमी/घंटा की रफ्तार ले सकती है। तापमान गिरने और हवा की धीमी रफ्तार के कारण प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है। पटना और आसपास के जिलों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) मध्यम से असंतोषजनक के दायरे में पहुंच चुका है। ऐसे में स्वास्थ्य संवेदनशील लोगों, विशेषकर सांस और अस्थमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।
रविवार को बिहार में किसी भी जिले में बारिश दर्ज नहीं हुई, लेकिन न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दिखी। औरंगाबाद का न्यूनतम तापमान 10.2°C रहा, जो राज्य में सबसे कम रिकॉर्ड हुआ। गया, नवादा और बक्सर में 11-12°C के बीच तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम माना जाता है।