
धर्मेंद्र प्रधान के समर्थन में उतरे निशिकांत दूबे और मैथिली ठाकुर
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भाजपा सांसद निशिकांत दूबे ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के हित में पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम किया है। उनका इस्तीफा देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को आंदोलन में न भेजें। निशिकांत दूबे ने कहा कि यदि बच्चे भविष्य में आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहते हैं, तो उन्हें धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के बजाय घर पर रहकर पढ़ाई करनी चाहिए। उनका कहना था कि आंदोलनों में भाग लेने से छात्रों के करियर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा, "मैं गांव के एक साधारण स्कूल से पढ़ाई करके आज देश का सांसद बना हूं। संसद में कई ऐसे सदस्य हैं, जिन्होंने विदेशों में शिक्षा हासिल की है, लेकिन मुझे कभी यह महसूस नहीं हुआ कि मैं उनसे किसी भी तरह कम हूं। मेहनत और लगन ही सफलता की असली कुंजी है।"
वहीं, भाजपा विधायक और लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने भी धर्मेंद्र प्रधान का समर्थन करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर चलने वाली हर बात सच नहीं होती। उन्होंने कहा, "यह ऐसा विषय है, जिस पर मैंने व्यक्तिगत रूप से ज्यादा चर्चा नहीं की है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम से मुझे इतना जरूर समझ में आया है कि सोशल मीडिया पर चलने वाली हर बात वास्तविकता नहीं होती। कई बातें केवल सोशल मीडिया तक ही सीमित रहती हैं और उनका सच्चाई से कोई संबंध नहीं होता। हम धर्मेंद्र प्रधान जी के साथ मजबूती से खड़े हैं।"
जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की राष्ट्रीय प्रवक्ता अंजुम आरा ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री का समर्थन करते हुए कहा कि एनडीए सरकार हमेशा छात्रों और युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा के क्षेत्र में पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम किया है। छात्रों के प्रति उनका समर्पण सम्मान के योग्य है और उनके योगदान का मूल्यांकन इसी दृष्टि से किया जाना चाहिए।
Updated on:
25 Jul 2026 08:30 pm
Published on:
25 Jul 2026 08:30 pm
