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बांकीपुर में 20% वोट की जंग! पवन-मनोज मैदान में,भरत तिवारी के परिजनों से मिले CM; बीजेपी ने क्यों खेला इमोशनल दांव?

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर चुनाव प्रचार चरम पर पहुंच गया है। भाजपा और जनसुराज दोनों सवर्ण मतदाताओं को साधने की कोशिशों में लगे हैं।
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पटना

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Rajesh Kumar Ojha

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Updated: 25 Jul 2026, 11:25 AM IST

samrat chaudhary meets bharat tiwari family

CM सम्राट चौधरी के साथ भरत तिवारी के परिजन

बांकीपुर उपचुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। जीत सुनिश्चित करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनसुराज दोनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एक ओर जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर चुनावी सभाओं के साथ-साथ 'चाय पर चर्चा' के जरिए मतदाताओं से सीधे संवाद कर रहे हैं, तो दूसरी ओर भाजपा अपने नाराज वोटरों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी रणनीति के तहत मुख्यमंत्री का पिछले महीने पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मिलना और चुनाव प्रचार में भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह तथा भाजपा सांसद मनोज तिवारी को उतारना भी देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा अपने पारंपरिक सवर्ण मतदाताओं की नाराजगी दूर करने की कोशिश कर रही है।

20% वोट पर टिकी सबकी नजर

दरअसल, भरत तिवारी एनकाउंटर और यूजीसी (UGC) से जुड़े मुद्दों को लेकर क्षेत्र के एक वर्ग में भाजपा के प्रति नाराजगी बताई जा रही है। जनसुराज का दावा है कि इसी नाराजगी का उसे चुनाव में फायदा मिल सकता है। खासकर कायस्थ समुदाय को छोड़कर करीब 20 प्रतिशत सवर्ण मतदाताओं का एक हिस्सा इस बार प्रशांत किशोर के पक्ष में झुकाव दिखा रहा है।अगर बांकीपुर विधानसभा के जातीय समीकरण पर नजर डालें तो यहां लगभग 15 प्रतिशत कायस्थ, 12 प्रतिशत यादव, 10 प्रतिशत मुस्लिम, 9 प्रतिशत चंद्रवंशी, 9 प्रतिशत वैश्य, 8 प्रतिशत दलित, 7 प्रतिशत ब्राह्मण, 7 प्रतिशत भूमिहार और 5 प्रतिशत राजपूत मतदाता हैं।

सवर्ण वोट बैंक पर सियासी संग्राम

अब तक भाजपा मुख्य रूप से अपने पारंपरिक सवर्ण वोट बैंक (करीब 34 प्रतिशत) और वैश्य समुदाय (करीब 9-10 प्रतिशत) के समर्थन के दम पर चुनाव जीतती रही है। लेकिन इस बार जनसुराज का दावा है कि उसने भाजपा के इस परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगा दी है। पार्टी का कहना है कि सवर्ण मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग प्रशांत किशोर के समर्थन में है। इसके अलावा मुस्लिम मतदाताओं के एक हिस्से का भी समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है। यदि यह दावा मतदान में भी दिखाई देता है, तो बांकीपुर का चुनावी गणित पूरी तरह बदल सकता है। यही वजह है कि भाजपा अपने पारंपरिक वोट बैंक को एकजुट रखने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।

भाजपा ने विकास को बनाया मुद्दा

बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रणवीर नंदन कहते हैं कि भाजपा क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा और महिला मतदाता पहले की तरह इस बार भी पार्टी का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा, "राजद के शासनकाल में पटना के लोग रात में घर से निकलने से डरते थे। लेकिन नीतीश कुमार के नेतृत्व और अब सम्राट चौधरी सरकार में कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है। जनता विकास और सुशासन के आधार पर मतदान करेगी। हमें विश्वास है कि इस बार पिछली बार से भी अधिक मतों से जीत मिलेगी।"