25 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, आंदोलन खत्म! अब क्या होगा ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का अगला कदम

Jantar Mantar Protest Withdraw: नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। प्रदर्शन स्थल से छात्र और युवा अब वापस घर लौट रहे है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Dinesh Dubey

Jul 25, 2026

Jantar Mantar Protest Withdraw

CJP ने खत्म किया जंतर-मंतर आंदोलन, सरकार ने मानीं तीनों मांगें (Photo: IANS)

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से जारी अपना आंदोलन खत्म कर दिया है। केंद्र सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बाद सीजेपी ने घोषणा की कि सरकार ने उनकी तीनों प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं, जिसके बाद आंदोलन वापस लेने का फैसला किया गया। इसके बाद जंतर-मंतर पर डटे हजारों युवा और छात्र अब अपने-अपने घर लौट रहे हैं।

शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल और सरकारी प्रतिनिधिमंडल के बीच तीसरे दौर की निर्णायक वार्ता हुई। केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, जबकि सीजेपी की ओर से राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास इस वार्ता में शामिल हुए। बैठक के बाद सीजेपी की और से बताया गया कि जंतर-मंतर पर तीन मुख्य मांगों को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा था, जिन्हें सरकार ने पूरी तरह से मान लिया है। इसी दौरान आंदोलन समाप्त करने की औपचारिक घोषणा की गई।

सरकार ने मानीं CJP की तीनों प्रमुख मांगें

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशुतोष रांका ने कहा कि उनकी सभी प्रमुख मांगों पर सरकार सहमत हो गई है। इनमें सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी, जो पहले ही पूरी हो चुकी है। दूसरी मांग प्रदर्शनकारियों और आंदोलन के आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर और कानूनी मामलों को वापस लेने की थी। सरकार ने यह मांग भी स्वीकार कर ली है और दिल्ली ही नहीं, बल्कि भाजपा शासित और अन्य राज्यों में दर्ज मामलों को भी वापस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। साथ ही भविष्य में भी कोई क़ानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। तीसरी मांग नीट पेपर लीक से जुड़े घटनाक्रम के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता देने की थी। सरकार ने इस दिशा में भी आर्थिक मदद देने का भरोसा दिया है।

सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने बताया कि सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन चरणों में बातचीत हुई। इन बैठकों में आंदोलन की सभी प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके बाद सहमति बनी और आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल विरोध दर्ज कराना नहीं था, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक बदलाव लाना था।

अब शिक्षा सुधार पर रहेगा फोकस

आंदोलन समाप्त होने के बावजूद CJP ने साफ किया है कि उसका अभियान यहीं खत्म नहीं होगा। संगठन अब शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करेगा। आशुतोष रांका ने बताया कि CJP जल्द ही सरकार को परीक्षा सुधारों से जुड़ा 5-सूत्रीय चार्टर (Exam Reform Charter) सौंपेगी। इस मसौदे पर सरकार के साथ आगे भी बैठकें होंगी और सुधारों को लागू करने पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन यह सुनिश्चित करेगा कि सरकार द्वारा किए गए सभी वादों का समय पर पालन हो।

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने भरोसा दिलाया है कि आंदोलन के दौरान दर्ज सभी एफआईआर की प्रतियां संगठन को उपलब्ध कराई जाएंगी। अब तक मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में 15 से 20 एफआईआर दर्ज की गई थीं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि तीन से चार दिनों के भीतर इनकी प्रतियां साझा कर दी जाएंगी और मंगलवार तक एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया और भविष्य में किसी भी कार्रवाई को लेकर औपचारिक गारंटी भी दी जाएगी।

बड़ी खबरें

View All

भारत

ट्रेंडिंग