भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बिहार विधानसभा के बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा पत्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विधानसभा स्पीकर को सौंपा।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज (30 मार्च) को आधिकारिक तौर पर बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक (MLA) के पद से इस्तीफा दे दिया। राज्य सभा के लिए चुने जाने के बाद संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत यह कदम उठाया गया है। चूंकि नितिन नवीन इस समय असम में हैं, इसलिए उनका इस्तीफा बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को सौंपा है। विधायक के तौर पर अपने कार्यकाल को समाप्त करते हुए नितिन नवीन काफी भावुक नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपनी 20 साल की राजनीतिक यात्रा को याद किया और लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
नितिन नवीन का त्याग पत्र विधानसभा स्पीकर को सौंपने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, 'राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कल ही मुझे अपना इस्तीफा पत्र दे दिया था। हर काम अपने सही समय पर होता है और राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए असम जाना जरूरी था। चूंकि वहां उनके कई कार्यक्रम थे, इसलिए उन्होंने पहले ही अपना इस्तीफा पत्र मुझे दे दिया था। मैंने उनका इस्तीफा पत्र विधानसभा अध्यक्ष को सौंप दिया है।'
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नितिन नवीन ने सोशल मीडिया एक्स पर बांकीपुर और बिहार के लोगों को संबोधित करते हुए एक लंबा पोस्ट किया। इसमें उन्होंने याद किया कि कैसे जनवरी 2006 में उनके पिता के अचानक निधन के बाद पार्टी ने उन्हें जिम्मेदारी सौंपी और कैसे 27 अप्रैल 2006 को वे पहली बार विधायक चुने गए थे। उन्होंने कहा कि अपने पिता की विरासत को उन्होंने परिवार की तरह संभाला है।
नितिन नवीन ने लिखा, 'जनवरी 2006 में पिताजी के आकस्मिक निधन के बाद पार्टी ने मुझे पटना पश्चिम से उपचुनाव लड़ने का अवसर दिया और दिनांक 27 अप्रैल 2006 को मैं पहली बार पटना पश्चिम क्षेत्र से निर्वाचित होकर सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। पिछले 20 वर्षों में पिताजी, स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा द्वारा बनाए गए इस क्षेत्र को पारिवारिक भाव से सींचने, संवारने और विकास के पटल पर आगे ले जाने का निरंतर प्रयास किया है।'
नितिन नवीन ने बांकीपुर से लगातार पांच बार जीत दर्ज की और क्षेत्र की जनता का विश्वास हासिल किया। इसे लेकर उन्होंने लिखा, 'मैंने सदैव अपने क्षेत्र और बिहार के विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य किया । इसी का प्रतिफल है कि यहाँ की देवतुल्य जनता ने मुझे लगातार 5 बार सदन में अपना प्रतिनिधि चुनकर सेवा का सौभाग्य प्रदान किया। सदन के अंदर हो या सदन के बाहर, दोनों ही स्थानों का उपयोग मैंने अपने क्षेत्र और बिहार की जनता की आवाज़ उठाने और उनकी समस्याओं के समाधान का मार्ग निकालने के लिए किया।'
नितिन नवीन ने अपनी सफलता के पीछे कार्यकर्ताओं और जनता की भूमिका पर कहा कि जनता ने ही उन्हें समस्याओं के समाधान का रास्ता दिखाया। उन्होंने भावुक होकर लिखा, 'बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में मुझे सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ विधायकों से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। मैंने अपने क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण विषयों का समाधान जनता और कार्यकर्ताओं के सुझावों से ही निकाला है।'
नितिन नवीन ने आगे लिखा, 'मैंने यह हमेशा कहा है कि जनता ने मुझे समस्याएं भी बताई और उन समस्याओं के समाधान का रास्ता भी मुझे जनता ने हीं दिखाया। कार्यकर्ताओं ने मुझे भाई के रूप में, परिवार के सदस्य के रूप में और अभिभावक के रूप में उंगली पकड़कर आज इस मुकाम तक पहुंचाया है। मैं पटना और बिहार की जनता को आश्वस्त करता हूं कि जो परिवार का भाव उन्होंने मुझे दिया है, उसका मैं सदैव सम्मान करता रहूंगा।'
अपने संदेश में नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के मंत्री के रूप में जब उन्हें काम करने का मौका मिला, तो उन्होंने कई अहम नीतियों और योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया, जो उनके जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव रहा।
इस्तीफा देते हुए नितिन नवीन ने स्पष्ट किया कि भले ही वे अब विधानसभा के सदस्य नहीं रहेंगे, लेकिन राज्यसभा की नई भूमिका के माध्यम से वे विकसित बिहार और विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने के लिए निरंतर संकल्पित रहेंगे।
उन्होंने लिखा, 'आज मैं बिहार विधानसभा के बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित सदस्य पद से इस्तीफा दे रहा हूं। पार्टी ने मुझे जो नई भूमिका दी है, उसके माध्यम से भी मैं अपने क्षेत्र और बिहार के विकास के लिए सदैव तत्पर एवं संकल्पित रहूंगा। मेरे कार्यकर्ताओं और बिहार की जनता के साथ मेरा जो अटूट संबंध है, वह सदैव बना रहेगा और मुझे हमेशा नई ऊर्जा, प्रेरणा और मार्गदर्शन देता रहेगा।' नितिन नवीन ने अपने संदेश का अंत 'नमन बांकीपुर, जय बिहार' के साथ किया।