पटना

डिप्टी कलेक्टर ने डॉक्टर को जड़ा थप्पड़! डॉक्टरों ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं तो ठप होगी स्वास्थ्य सेवा

Bihar News: फारबिसगंज में एक सीनियर डिप्टी कलेक्टर पर एक डॉक्टर पर हमला करने का आरोप लगा है। बिहार हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन ने अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।

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Feb 13, 2026
घटना के CCTV फूटेज का स्क्रीन ग्रैब

Bihar News: अररिया के फारबिसगंज में सीनियर डिप्टी कलेक्टर रामबाबू प्रसाद और डॉ. दीपक के बीच हुए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को बचपन न्यू एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में इंस्पेक्शन के दौरान हुई झड़प से पूरे बिहार के चिकित्सा जगत में गुस्सा है। सीनियर डिप्टी कलेक्टर रामबाबू प्रसाद पर डॉ. दीपक को थप्पड़ मारने का आरोप है, जिसके बाद बिहार हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन (BHSA) ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

जांच के दौरान कैसे भड़की चिंगारी?

बताया जा रहा है कि निजी क्लिनिक, नर्सिंग होम और जांच केंद्रों के पड़ताल के लिए जिला प्रशासन ने टीम बनाई थी। इसी क्रम में जांच टीम डॉ. दीपक के बचपन न्यू एंड चाइल्ड हॉस्पिटल पहुंची। जहां जांच के दौरान बहस इतनी बढ़ गई कि हाथापाई की नौबत आ गई। डॉ. दीपक का आरोप है कि जांच टीम अचानक उनके चैंबर में घुसी और एप्रन न पहनने पर गाली-गलौज करने लगी। बातचीत के दौरान ही अभद्र व्यवहार शुरू हुआ और फिर ऑफिसर रामबाबू प्रसाद ने उन पर हाथ छोड़ दिया।

वहीं, सीनियर डिप्टी कलेक्टर रामबाबू प्रसाद और सिविल सर्जन डॉ. केके कश्यप का दावा है कि तनावपूर्ण स्थिति में डॉक्टर और उनके कर्मियों ने जांच टीम के साथ मारपीट की, जिसमें अधिकारी घायल हुए हैं। आरोप है कि अधिकारियों को आधे घंटे तक बंधक भी बनाया गया।

CCTV फुटेज सामने आने के बाद गुस्सा बढ़ा

रामबाबू प्रसाद ने किसी भी तरह की मारपीट से इनकार किया था, लेकिन हॉस्पिटल के CCTV फुटेज ने उनके दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हॉस्पिटल के फुटेज में दिख रहा है कि जांच टीम और डॉक्टरों के बीच न सिर्फ तीखी बहस हुई बल्कि हाथापाई भी हुई। इस दौरान ऑफिसर ने डॉक्टर को थप्पड़ मार दिया। इस फुटेज के सामने आने से डॉक्टरों का गुस्सा और बढ़ गया है।

डॉक्टरों ने दी चेतावनी

इस घटना से डॉक्टरों में भारी गुस्सा है। कई प्राइवेट डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने की धमकी दी है। राज्य स्तर पर भी कड़ी प्रतिक्रियाएं आई हैं। बिहार हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को पत्र लिखकर मामले को बेहद गंभीर बताया है और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पत्र में कहा गया है कि ऐसी घटनाएं डॉक्टरों की गरिमा और सुरक्षा पर सीधा हमला हैं। अगर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो आगे की रणनीति ते करने के लिए बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ स्वतंत्र है। संघ ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 48 घंटे के अंदर संबंधित अधिकारी के खिलाफ एक्शन नहीं लिया गया तो बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जाएगा।

Updated on:
13 Feb 2026 02:55 pm
Published on:
13 Feb 2026 11:37 am
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