संजीरा देवी के पति की घाटकोपर में कैटरिंग की दुकान है।
Hindi Marathi Row : मुंबई में मराठी बनाम गैर-मराठी का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। मायानगरी के घाटकोपर इलाके में इस बार विवाद का केंद्र बनी हैं, बिहार के सीतामढ़ी की रहने वाली संजीरा देवी। आरोप है कि कुछ स्थानीय लोगों ने कथित रूप से राज ठाकरे की बयानबाजी से प्रभावित होकर संजीरा देवी पर मराठी बोलने का दबाव बनाया। जवाब में संजीरा देवी ने दो टूक कहा- मैं हिन्दुस्तान में रहती हूं तो हिंदी ही बोलूंगी। उन्होंने साफ कर दिया कि वह किसी की धमकी से डरने वाली नहीं हैं और हिंदी बोलना उनका अधिकार है। इस टकराव ने एक बार फिर मुंबई में भाषा और पहचान की बहस को हवा दे दी है।
संजीरा देवी के पति की घाटकोपर में कैटरिंग की दुकान है। उसका नाम मदन है। संजीरा देवी इस घटना के बाद से डरी हुई हैं। संजीरा देवी ने बताया कि उनका घर दुकान के ऊपर है और वह घटना के वक्त अंदर जा रही थीं। लेकिन वहां कुछ लोग खड़े थे। संजीरा देवी ने उन्हें हटने को कहा तो वे लोग मराठी में बोलने का दबाव बनाने लगे।
संजीरा देवी ने बताया कि उनके बेटे और पति मराठी बोल लेते हैं लेकिन वह नहीं बोल पातीं। उनके एक बेटा व बेटी है, जो बॉस्केट बॉल प्लेयर हैं। दोनों ने कई इनाम भी जीते हैं। उन्होंने बताया कि बिहार की नीतीश कुमार सरकार अगर उनके बच्चों को नौकरी दे देती तो वह मुंबई छोड़कर सीतामढ़ी चली जातीं। लेकिन कोई मदद न मिलने पर वह मजबूरी में मुंबई में डेरा डाले हैं।
संजीरा देवी ने आरोप लगाया कि जब उपद्रवी उनसे बदसलूकी कर रहे थे तो उस दौरान आसपास का कोई भी उनकी मदद के लिए नहीं आया। पुलिस उन उपद्रवियों को ले गई और उनको भी थाने बुलाया था। बाद में उन लोगों को बिना कार्रवाई के छोड़ दिया।
हिंदी-मराठी भाषाई विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक पीआईएल भी दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह हिंदी भाषी लोगों के खिलाफ हिंसा के लिए उकसाने जैसा मामला है। याचिकाकर्ता ने इस मामले में मनसे प्रमुख राज ठाकरे और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।