पटना

मिनटों में होगा घंटों का सफर, बिहार में बन रहा देश का सबसे बड़ा एक्स्ट्रा-डोज्ड ब्रिज; जल्द शुरू होगा परिचालन

Kacchi Dargah Bidupur Six Lane Bridge: बिहार की कच्ची दरगाह-बिदुपुर गंगा पुल परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। 4,988 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह देश का सबसे बड़ा एक्स्ट्रा-डोज़्ड केबल-स्टेड छह-लेन वाला पुल है, जिसका निर्माण कार्य जल्द ही पूरा होने वाला है।

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May 15, 2026
कच्ची दरगाह बिदुपुर सिक्स लेन ब्रिज (फोटो-X@RCD_Bihar)

Kacchi Dargah Bidupur Six Lane Bridge: उत्तरी और दक्षिणी बिहार के बीच यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान होने वाली है। राजधानी पटना में कच्ची दरगाह को वैशाली के बिदुपुर से जोड़ने वाले छह-लेन वाले एक्स्ट्रा-डोज़्ड केबल-स्टेड पुल का निर्माण अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। हाल ही में पियर संख्या 61 पर अंतिम सेगमेंट के सफल इंस्टॉलेशन के साथ ही मुख्य पुल का ढांचा तैयार हो चुका है। इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसियों ने जून 2026 के अंत तक पुल का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

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पुल निर्माण में 4,444 मीट्रिक टन स्टे केबल्स का इस्तेमाल

यह पुल नदी पर बना हुआ देश का सबसे बड़ा 'एक्स्ट्रा-डोज़्ड केबल-स्टेड छह-लेन वाला पुल' है। एक्स्ट्रा-डोज़्ड तकनीक का फायदा यह है कि कम ऊंचाई वाले टावरों का इस्तेमाल करने के बावजूद पुल की भार उठाने की क्षमता और मजबूती पारंपरिक केबल-स्टेड पुलों से कहीं ज्यादा होती है। पुल की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए कुल 4,444 मीट्रिक टन उच्च-क्षमता वाले स्टे केबल्स का इस्तेमाल किया गया है।

इस पुल का डिजाइन कोरियाई विशेषज्ञों ने तैयार किया था और इसे L&T (लार्सन एंड टुब्रो) और कोरियाई कंपनी 'Daewoo' के जाइंट वेंचर मिलकर साकार कर रहे हैं। 32 मीटर चौड़ा यह पुल इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इस पर वाहन आसानी से और तेज रफ्तार से चल सकें।

महात्मा गांधी सेतु पर ट्रैफिक जाम से राहत

फिलहाल, पटना से उत्तरी बिहार जाने के लिए महात्मा गांधी सेतु और जेपी सेतु ही मुख्य रास्ते हैं, जहां यात्रियों को अक्सर घंटों लंबे ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल के चालू हो जाने से इन दोनों मौजूदा पुलों पर पड़ने वाला दबाव कम होगा और समय की भी काफी बचत होगी। इस पुल पर यातायात शुरू होने के बाद जिस सफर में अभी घंटों लगते हैं, वह घटकर महज 15 से 20 मिनट का रह जाएगा।

इसके अलावा पटना शहर के अंदर भारी वाहनों का ट्रैफिक कम होने की उम्मीद है, क्योंकि नेशनल हाईवे 31 और नेशनल हाईवे 322 सीधे एक-दूसरे से जुड़ जाएंगे। वहीं, पटना से वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी जाने वाले यात्रियों को अब पटना शहर के ट्रैफिक जाम में फंसने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पुल की लंबाई लगभग 20 किलोमीटर

अपनी लंबाई और चौड़ाई के कारण यह मेगा-प्रोजेक्ट देश के सबसे बेहतरीन पुलों में से एक है। अप्रोच रोड को मिलाकर इस पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई 19.76 किलोमीटर है। इसमें से गंगा नदी के ऊपर मुख्य पुल की लंबाई 9.76 किलोमीटर है। इस पुल प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 4,988 करोड़ रुपये है। यह दक्षिण में पटना-बख्तियारपुर चार-लेन हाईवे और उत्तर में बिदुपुर से कनेक्ट करता है।

विकास को मिलेगी रफ्तार

इस पुल के चालू होने से न केवल यातायात बेहतर होगा, बल्कि उत्तर बिहार के जिलों जैसे वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी के व्यापारियों और किसानों के लिए पटना और झारखंड तक पहुंच आसान हो जाएगी। इलाज या पढ़ाई के लिए पटना जाने वाले मरीजों और छात्रों को अब ट्रैफिक जाम की चिंता करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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Published on:
15 May 2026 05:18 pm
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