Chappra Student Gang rape Murder case: छपरा के डेरनी थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में 10वीं कक्षा के एक छात्र की मौत का मामला अब गंभीर मोड़ ले चुका है। सांसद पप्पू यादव ने इस मामले के सिलसिले में पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाए हैं और सरकार के सामने कुछ मांगें रखी हैं।
Chappra Student Gang rape Murder case:बिहार में बेटियों की सुरक्षा और पुलिसिया जांच के तरीके पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। छपरा के डेरनी में 11 मार्च को कुएं से बरामद हुई 10वीं की छात्रा की लाश के मामले में सियासत और इंसाफ की जंग तेज हो गई है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव आज पीड़ित परिवार के आंसू पोंछने उनके घर पहुँचे। उन्होंने न केवल आर्थिक मदद की, बल्कि पुलिस पर मामले को डायवर्ट करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला।
सांसद पप्पू यादव ने पुलिस की उस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें मामले को प्रेम-प्रसंग से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा, 'बिहार में प्रशासन का यह पुराना तरीका बन गया है। जब भी किसी गरीब की बेटी के साथ दरिंदगी होती है, पुलिस उसे प्रेम-प्रसंग का नाम देकर फाइल बंद करने की कोशिश करती है। मृत छात्रा पर ऐसा ठप्पा लगाना उसकी गरिमा और परिवार के साथ अन्याय है। अगर परिस्थितियां संदिग्ध हैं, तो यह सीधे तौर पर कत्ल है।'
पप्पू यादव ने पटना की नीट छात्रा मौत मामले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी पुलिस ने बिना फॉरेंसिक रिपोर्ट के जहर और आत्महत्या का दावा कर दिया था। उन्होंने चेतावनी दी कि छपरा की बेटी के साथ ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मांग की कि जब तक विसरा रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्य सामने न आएं, पुलिस किसी नतीजे पर न पहुंचे।
मृतक छात्रा के माता-पिता का आरोप है कि गांव के ही 5 दबंगों ने उनकी बेटी के साथ गैंगरेप किया और सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसे घसीटकर कुएं में फेंक दिया। परिजनों का कहना है कि जब वे कुएं के पास पहुंचे, तब तक उनकी बेटी दम तोड़ चुकी थी। अब तक पुलिस ने केवल एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि 4 अन्य मुख्य आरोपी अब भी फरार हैं।
पप्पू यादव ने समाज को भी आईना दिखाते हुए कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। उन्होंने अपील की कि पूरा समाज इस गरीब परिवार के पीछे खड़ा हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने इस मामले को 'धारा 302' (हत्या) तक सीमित रखकर बलात्कार के पहलुओं को दबाने की कोशिश की, तो वे इस लड़ाई को दिल्ली की संसद तक ले जाएंगे।
वर्तमान में, पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि चार मुख्य आरोपी अब भी फरार हैं। एफएसएल (FSL) की रिपोर्ट का इंतजार है, जो यह तय करेगी कि वह मासूम खुद कुएं में गिरी या उसे दरिंदगी के बाद वहां फेंक दिया गया।