
वोट डालने पहुंचे अनंत सिंह (फोटो-X)
बिहार में राज्य सभा की पांच सीटों के लिए चल रही वोटिंग के बीच एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब मोकामा से जदयू के विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह अपना वोट डालने विधानसभा पहुंचे। फिलहाल दुलार चंद यादव हत्याकांड के सिलसिले में बेऊर जेल में बंद अनंत सिंह, कड़ी सुरक्षा और भारी पुलिस पहरे के बीच विधानसभा पहुंचे थे। इस दौरान उनका जाना-पहचाना अंदाज नजर आया, चमकदार सफेद शर्ट, काला चश्मा और माथे पर तिलक। लेकिन वोट डालने के बाद उन्होंने जो बातें कहीं, उसने बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
वोट डालने के बाद मीडिया से बात करते हुए अनंत सिंह ने साफ कर दिया कि विधायक (MLA) के तौर पर यह उनका आखिरी कार्यकाल होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी अटूट वफादारी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, 'अगर नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहते, तो मैं भी भविष्य में कोई विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा यह मेरा आखिरी कार्यकाल है। नीतीश बाबू ही मुझे राजनीति में लाए थे, अगर वह ही नहीं रहेंगे, तो मेरे विधायक बने रहने का क्या फायदा?'
राजनीति से संन्यास की घोषणा के साथ-साथ अनंत सिंह ने अपनी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का रास्ता भी साफ कर दिया। उन्होंने ऐलान किया कि अब वह खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि उनके बच्चे चुनावी मैदान में उतरेंगे। अनंत सिंह ने साफ किया कि आने वाले चुनावों में, उनके बेटे अंकित या अभिषेक (दोनों लंदन से उच्च शिक्षा प्राप्त कर लौटे हैं) मोकामा विधानसभा क्षेत्र की कमान संभालेंगे। हाल ही में, उनके दोनों बेटों और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच हुई एक मुलाकात भी काफी चर्चा का विषय रही थी।
अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री और उन्हें भावी मुख्यमंत्री के रूप में देखे जाने पर कहा, 'निशांत बाबू में मुख्यमंत्री बनने के सभी गुण मौजूद हैं। वे शिक्षित हैं और काबिल हैं। हालांकि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह पार्टी के बड़े नेता तय करेंगे, लेकिन निशांत जी एक बेहतर विकल्प हैं।'
जेल में बंद रहने के बावजूद अनंत सिंह ने एनडीए (NDA) उम्मीदवार के पक्ष में अपना वोट डाला। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि राज्य सभा की सभी पांचों सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की प्रचंड जीत होगी और विपक्ष का सूपड़ा साफ हो जाएगा।
विधानसभा परिसर में अनंत सिंह को भारी सुरक्षा के बीच लाया गया था। जब उनसे नीतीश कुमार के राज्य सभा जाने की अटकलों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया और खामोश रहे। मतदान के तुरंत बाद पुलिस उन्हें वापस बेऊर जेल ले गई।
Updated on:
16 Mar 2026 11:44 am
Published on:
16 Mar 2026 11:44 am
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