बालू कारोबारी रामाकांत यादव की हत्या का मुख्य अंशु को पुलिस ने यूपी से गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को पुलिस अंशु को लेकर छापेमारी करने गई थी। लेकिन, वो पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने उसे पहले रोका। लेकिन जब वह नहीं रूका तो पुलिस ने उसे गोली मारकर जख्मी कर गिरफ्तार कर लिया।
बालू कारोबारी रमाकांत यादव के हत्यारे का पटना में हाफ एनकाउंटर, पढ़िए कौन है कुख्यात अपराधी अंशु हाल ही में उसे उत्तर प्रदेश के लखनऊ से गिरफ्तार किया था। पुलिस शुक्रवार को उसको लेकर पटना पहुंची थी। शुक्रवार की देर रात में हथियार बरामदगी के लिए पुलिस उसे नहर के आस पास ले गई थी। वहां वो पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया तो पुलिस ने उसके पैर में गोली मारकर जख्मी कर दिया। उसके बाद उसे दबोच लिया। फिलहाल उसको इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है।
पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए इस बात की जानकारी दी। कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि अंशु 10 जुलाई को रानी ताला थाना क्षेत्र में रमाकांत यादव की गोली मारकर हत्या कर दिया था। पुलिस ने जब इस मामले में मंटू कुमार और बिट्टू कुमार को गिरफ्तार किया तो अंशु के संबंध में पता चला। उनकी निशानदेही पर ही पुलिस ने उसे यूपी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार अंशु उर्फ दिव्यांशु का नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया था। शुक्रवार को ही उसे लखनऊ से हिरासत में लेकर पटना लाया गया था।
एसएसपी के अनुसार पटना में पुलिस से पूछताछ में अंशु ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसने कहा कि घटना को अंजाम देने के बाद हथियार को छिपा दिया था। पुलिस उसके द्वारा बताई हुई जगह पर देर रात लगभग 11 बजे लेकर गई। लेकिन वो वहां से वो पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया। इस दौरान फायरिंग में उसके पैर में गोली लग गई। जख्मी अवस्था में उसे पटना में एम्स में भर्ती कराया गया।
जख्मी अंशु को सबसे पहले बिक्रम स्थित पीएचसी में ले जाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे पटना एम्स में भर्ती कराया गया है। एसएसपी का कहना है कि इलाज पूरा होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मौके से एक देसी पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
बालू कारोबारी रमाकांत यादव की पिछले महीने घर के बाहर बगीचे में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आपसी रंजिश में हत्या किए जाने की बात सामने आई थी। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी अंशु का 2014 से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, हत्या का प्रयास जैसे कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं।