पटना

बांकीपुर उपचुनाव: BJP और RJD की अंदरूनी कलह, क्या बाजी मारेंगे प्रशांत किशोर?

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी बीजेपी के कोर वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी नाराज बीजेपी नेताओं और सवर्ण वोटरों से संपर्क साधने के साथ आरजेडी के पारंपरिक वोटरों को भी जोड़ने की कोशिश कर रही है। जलजमाव, ट्रैफिक और बुनियादी सुविधाओं जैसे स्थानीय मुद्दों के सहारे पीके चुनाव को बीजेपी बनाम आरजेडी से अलग कर नए विकल्प की लड़ाई बनाने में जुटे हैं।
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Jul 10, 2026
prashant kishor
चुनावी जन सभा को संबोधित करते प्रशांत किशोर

बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत का दारोमदार बीजेपी के कोर वोटरों में सेंध लगाने पर टिका है। उनकी टीम भी मानती है कि अगर बीजेपी के परंपरागत वोटर टूटते हैं तो प्रशांत किशोर की जीत की राह आसान हो सकती है। इसी रणनीति के तहत जन सुराज के वरिष्ठ नेता लगातार बीजेपी के कोर वोटरों के साथ-साथ टिकट नहीं मिलने से नाराज पार्टी नेताओं के संपर्क में हैं। वे नाराज नेताओं को यह समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि जब तक बीजेपी इस सीट पर हार का सामना नहीं करेगी, तब तक पार्टी नए विकल्पों पर विचार नहीं करेगी।

इसी संदेश को जन सुराज की टीम मतदाताओं के बीच भी पहुंचा रही है। जलजमाव, ट्रैफिक और बुनियादी सुविधाओं जैसे स्थानीय मुद्दों को आधार बनाकर पार्टी चुनाव में अपनी मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही पीके की टीम आरजेडी के पारंपरिक वोटरों को भी अपने पक्ष में करने की रणनीति पर काम कर रही है। बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए जन सुराज के कार्यकर्ता गली-गली और घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं और बदलाव के नाम पर समर्थन मांग रहे हैं।

आरजेडी-बजेपी के बीच PK की नई चाल

प्रशांत किशोर की टीम ने पटना के वार्ड नंबर 29 और 35 के करबिगहिया, चिरैयाटांड़, खासमहल और चांदमारी रोड इलाके में पदयात्रा कर आरजेडी समर्थक वोटरों से सीधा संपर्क साधा है। टीम ने मतदाताओं से एक मौका देने की अपील की है। सूत्रों के मुताबिक, इन इलाकों में जन सुराज की रणनीति तैयार करने में कुछ आरजेडी नेताओं की भी पर्दे के पीछे भूमिका रही है। इन मोहल्लों में मुख्य रूप से बीजेपी और आरजेडी समर्थकों की आबादी अधिक है। बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के इस हिस्से में जलजमाव लंबे समय से एक बड़ी समस्या बनी हुई है।

पुराने समीकरण तोड़ने में जुटे प्रशांत किशोर

हालांकि, स्थानीय मुद्दों के बावजूद यहां अब तक चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी बनाम आरजेडी के बीच ही रहा है। आरजेडी के शासनकाल से जुड़े "जंगलराज" के नैरेटिव के कारण, कई असहमतियों के बावजूद यहां के मतदाता बीजेपी के पक्ष में लामबंद होते रहे हैं। अब प्रशांत किशोर ने अपनी उम्मीदवारी के जरिए मतदाताओं के सामने एक नया विकल्प पेश किया है। जन सुराज की टीम स्थानीय समस्याओं और बुनियादी मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर लोगों से जुड़ने की कोशिश कर रही है, जो मुद्दे अब तक चुनावी बहस में पीछे छूट जाते थे।

Updated on:
10 Jul 2026 11:46 am
Published on:
10 Jul 2026 11:45 am