Bihar Cabinet Expansion: पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आज होने जा रहे मंत्रिमंडल विस्तार ने बिहार की सियासत में हलचल तेज कर दी है। रोहिणी आचार्य ने इस शपथ ग्रहण समारोह को नीतीश कुमार की राजनीति का अंतिम अनुष्ठान बताया है।
Bihar Cabinet Expansion: बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आज सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार होने जा रहा है। जहां एनडीए के 27-30 नेता मंत्री पद की शपथ लेंगे। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पीएम मोदी सहित एनडीए के तमाम नेता आ रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने तंज कसा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य और उनके बेटे निशांत कुमार की संभावित एंट्री पर जोरदार हमला बोला है।
रोहिणी आचार्य ने गांधी मैदान में होने वाले इस भव्य आयोजन की तुलना एक धार्मिक अनुष्ठान और क्रिया-कर्म से कर दी है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि आज पटना के गांधी मैदान में हमारे चाचा नीतीश कुमार जी के राजनीतिक अवसान के उपरांत होने वाले कर्मकांड का अंतिम अनुष्ठान नए मंत्रिमंडल के विस्तार के लिए किए जा रहे शपथ ग्रहण समारोह के रूप में संपन्न होने जा रहा है।
रोहिणी के मुताबिक, यह शपथ ग्रहण समारोह नहीं बल्कि नीतीश कुमार की राजनीति की पूर्णाहुति है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह दुख की बात है कि चाचा जी को अपने ही राजनीतिक अंत के जलसे में मजबूरन शामिल होना पड़ रहा है।
रोहिणी ने अपने पोस्ट में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली से आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह समेत तमाम एनडीए नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि बड़े जलसे की तैयारी है और इस जलसे में शामिल होने दिल्ली से वैसे लोग भी आ रहे हैं, जिन्होंने चाचा जी को राजनीतिक तौर पर निर्जीव बना दिया है।
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में निशांत कुमार को लेकर भी नीतीश कुमार पर तंज कसा। उन्होंने मुख्यमंत्री को उनके पुराने भाषणों की याद दिलाते हुए कहा कि जो नीतीश कुमार दूसरों को परिवारवाद पर अनर्गल प्रवचन देते थे, वे आज अपने ही लाडले को इस अनुष्ठान में यजमान के रूप में शपथ दिलाने जा रहे हैं। रोहिणी ने सवाल उठाया कि क्या अब नीतीश कुमार का परिवारवाद के खिलाफ सिद्धांत खत्म हो चुका है?
विपक्षी हमलों के बीच गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह के लिए भव्य तैयारी की गई है। दोपहर 12:10 बजे से शुरू होने वाले इस समारोह के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। 3000 से अधिक पुलिस जवान और 400 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। मंच को फूलों और बिहार की सांस्कृतिक कलाकृतियों से सजाया गया है, जहां जट-जटिन और झिझिया जैसे लोक नृत्यों की प्रस्तुति भी होगी।