नीतीश ने कहा कि सरकार दोषियों को कतई नहीं बख्शेगी। हर हाल में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। गांधी मैदान में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बिहार सरकार की विभिन्न योजनाओं और उसके प्रभावों पर भी अपनी बात रखी।
प्रियरंजन भारती
पटना। बिहार में हाल के दिनों में मुजफ्फरपुर समेत विभिन्न जनपदों से संवासिनी गृहों, सुधार गृहों और संरक्षण गृहों जैसी जगहों से ताबड़तोड़ आ रही यौन शोषण की घटनाओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के माथे पर भी शिकन ला दी है। सुशासन बाबू के नाम से बिहार के राजनीतिक हलकों में जाने जाने वाले नीतीश ने अपनी यह चिंता स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में भी जाहिर की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांधी मैदान में तिरंगा फहराने के बाद बिहार में बढ़ते अपराध और मुजफ्फरपुर कांड की चर्चा की।
यूं किया अपनी उपलब्धियों का जिक्र
नीतीश ने कहा कि सरकार दोषियों को कतई नहीं बख्शेगी। हर हाल में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। गांधी मैदान में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बिहार सरकार की विभिन्न योजनाओं और उसके प्रभावों पर भी अपनी बात रखी। अपने भाषण के दौरान स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, विद्युतीकरण, शराबबंदी और कृषि रोड मैप पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि सरकार सूबे में न्याय के साथ विकास के रास्ते पर अग्रसर है। लोगों को इसका लाभ मिल रहा है।
शराबबंदी का कर रहे दूसरे राज्य अनुसरण
नीतीश ने कहा कि बिहार में शराबबंदी का दूसरे राज्य भी अनुसरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सूबे में पांच लाख संविदाकर्मियों की सेवाएं नियमित करने के भी संकेत दिए। विभिन्न विभागों में कार्यरत ऐसे कर्मचारियों की यह मांग काफी पुरानी है। इनकी सेवाओं के नियमित हो जाने का राजनैतिक लाभ एनडीए को आने वाले दिनों में मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के आरक्षण की भी चर्चा की और पंचायतों के अलावा सरकारी तथा गैरसरकारी महकमों में भी ऐसा करने का इशारा किया। नीतीश कुमार ने महिलाओं और लड़कियों के सर्वोच्च विकास पर जोर देते हुए इतने वर्षों के शासनकाल में इन्हें अपना विशेष वोटबैंक बना लिया है।