
बारिश से बचने के लिए भागती लड़कियां। फोटो-ANI
Bihar Weather: बिहार में भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम विभाग ने आंधी-बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। पटना मौसम केंद्र के अनुसार एक बार फिर सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आंधी और बारिश का यह सिलसिला 15 मई तक जारी रहने की संभावना है। आज सोमवार को भी राज्य के 19 जिलों के लिए आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने उत्तरी और पूर्वी बिहार के 19 जिलों के लिए आज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और इसके साथ ही गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। विभाग ने इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार 12 मई को मौसम की स्थिति ज्यादा खराब हो सकती है। मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा सहित पूरे उत्तर बिहार के जिलों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जान-माल के नुकसान के संभावित खतरे और इस दौरान पेड़ गिरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से नमी से भरी हवाएं इस समय बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश कर रही हैं। इसके अतिरिक्त पूर्वी हवाओं के प्रभाव और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रिय उपस्थिति के कारण बादल बनने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस कारण से जहां दक्षिण बिहार के कुछ जिले भीषण गर्मी की चपेट में हैं, वहीं उत्तर और पूर्वी बिहार में बारिश के साथ तूफानी मौसम बना हुआ है।
बारिश की चेतावनी के बावजूद, राज्य के दक्षिणी हिस्सों में गर्मी की तीव्रता कम नहीं हुई है। रविवार को राज्य के कई जिलों में पारा 35 डिग्री के पार पहुंच गया। कैमूर जिले का भभुआ बिहार में सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान 38.4°C दर्ज किया गया। राजधानी पटना में भी अधिकतम तापमान 36°C के आसपास रहा। हालांकि, आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी के कारण पटना में तापमान में 1-2 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है।
खराब को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग ने किसानों और आम जनता के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। सलाह दी गई है कि आंधी-तूफान के दौरान खेतों या खुले मैदानों में न जाएं। बिजली कड़कने के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और धातु की चीजों से दूर रहें। इसके अलावा जलजमाव वाले क्षेत्रों और पुराने जर्जर मकानों में शरण लेने से बचें।
Updated on:
11 May 2026 06:52 am
Published on:
11 May 2026 06:52 am
