पटना

तेज प्रताप यादव ने अमित शाह से मांगी Z+ सुरक्षा, हत्या की जताई आशंका, 6 लोगों पर लगाया आरोप

Tej Pratap Yadav's Security: अपनी जान को गंभीर खतरा बताते हुए तेज प्रताप यादव ने केंद्र और बिहार सरकारों से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। एक पत्र लिखकर उन्होंने अपनी सुरक्षा को Y+/Z+ कैटेगरी में अपग्रेड करने और उसे बहाल करने का अनुरोध किया है। इससे पहले भी उन्होंने धमकी भरे कॉल आने और ब्लैकमेल किए जाने का आरोप लगाया है।
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Sep 14, 2026
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जन शक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव (फोटो - X@TejYadav14)

Tej Pratap Yadav Threat: RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के DGP और गृह सचिव को पत्र लिखकर अपनी जान को गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने 'Y+' या 'Z+' कैटेगरी की सुरक्षा की मांग की है। तेज प्रताप का आरोप है कि उनके सरकारी आवास से पार्टी फंड, गहने और गोपनीय डिजिटल डेटा चोरी होने के बाद से उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी मिल रही है। इस मामले में पटना के सचिवालय पुलिस स्टेशन में FIR भी दर्ज की जा चुकी है।

पूर्व PA पर चोरी का आरोप

गृह मंत्री को लिखे गए पत्र में तेज प्रताप यादव ने कहा कि उनके पूर्व पर्सनल असिस्टेंट (PA) और पार्टी के महासचिव मोती लाल राय ने विश्वासघात किया और पटना के हार्डिंग रोड स्थित उनके आवास पर चोरी की। तेज प्रताप के अनुसार, मोती लाल राय पार्टी फंड, सोने की चेन और अंगूठी, चार आईफोन, एक आईपैड, एक मैकबुक, एक लैपटॉप, दो एक्सटर्नल हार्ड डिस्क और चार पेन ड्राइव लेकर फरार हो गए।

तेज प्रताप ने बताया कि इन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में पार्टी से जुड़े गोपनीय डिजिटल डॉक्यूमेंट, डेटाबेस और मीडिया शेड्यूल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी साजिश आकाश गौरव के कहने पर रची गई थी, जिसका मकसद उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाना और पार्टी के कामकाज में बाधा डालना था। पुलिस ने इस मामले में BNS की धारा 303(2) के तहत केस (केस नंबर 124/26) दर्ज किया है।

6 लोगों पर आरोप

तेज प्रताप यादव के पत्र के अनुसार, डेटा चोरी के बाद से ही मोती लाल राय और आकाश गौरव अपने साथियों के साथ उनके मोबाइल नंबर पर लगातार फोन कॉल, मैसेज और वॉयस नोट भेज रहे हैं। वे उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पत्र में तेज प्रताप ने जिन छह लोगों के नाम बताए हैं, उनमें मोती लाल राय, आकाश गौरव, अमित सिंह, ऋषभ सिंह, जय सिंह राठौर और प्रेम कुमार शामिल हैं।

इसके अलावा, पत्र में कुछ अन्य अज्ञात साथियों की भी भूमिका का जिक्र है। तेज प्रताप ने यह भी दावा किया कि अमित सिंह और ऋषभ सिंह खुद को बिहार सरकार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के मंत्री संजय सिंह का भतीजा बताते हैं।

रंगदारी मांगने का आरोप

तेज प्रताप यादव ने बताया कि 1 सितंबर 2026 को दोपहर 3:11 बजे उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉलर ने दावा किया कि वह एक मीडिया संगठन से जुड़ा है और उसने एक वीडियो वायरल करने और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। साथ ही, कॉलर ने उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की और पैसे की मांग की।

तुरंत सुरक्षा की मांग

पत्र में तेज प्रताप ने बताया कि पहले उन्हें और उनके परिवार को ज्यादा राजनीतिक खतरे के कारण Y+/Z+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा कवर हटाए जाने या अपर्याप्त होने के कारण वे अब आपराधिक तत्वों और राजनीतिक विरोधियों के निशाने पर आ गए हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत पर्याप्त सुरक्षा दी जाए और नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

Updated on:
14 Sept 2026 07:11 pm
Published on:
14 Sept 2026 07:11 pm