Bihar Rape Cases: बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने बीते कुछ दिनों में हुए 50 दुष्कर्म और गैंगरेप की वारदातों की लिस्ट जारी की है।
राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने कानून व्यवस्था को लेकर बिहार की एनडीए सरकार पर हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने राज्य के अलग-अलग जिलों में दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के 50 से अधिक घटनाओं की सूची सार्वजनिक की है। इन आंकड़ों को साझा करते हुए तेजस्वी ने सरकार को सत्ता संपोषित अपराधियों की पनाहगाह बताया और कहा कि प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों पर अपराधी कहर बनकर टूट रहे हैं।
सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी और राज्य सरकार पर तंज कसते हुए लिखा कि महज छह महीनों के भीतर दोबारा बनी नई सरकार के 'नए सम्राट' के सानिध्य में अपराधी पूरी तरह बेखौफ हो चुके हैं, वो अब प्रदेश की माताओं-बहनों और बेटियों पर कहर बनकर टूट रहे है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो सूची वे जारी कर रहे हैं, उसमें केवल गंभीर दुष्कर्म और गैंगरेप की घटनाएं शामिल हैं, जबकि छेड़खानी के मामलों को इसमें जोड़ा तक नहीं गया है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि शासन के ढीले रवैये के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वे सरेराह या घरों में घुसकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
तेजस्वी यादव द्वारा 50 मामलों की लिस्ट जारी कि गई है। जिसमें उन्होंने मुजफ्फरपुर का जिक्र करते हुए लिखा कि वहां एक साढ़े तीन वर्ष की मासूम बच्ची के साथ हैवानियत की गई और उसके नाजुक अंगों को चोट पहुंचाई गई। वहीं, बांका जिले में एक महिला की अर्धनग्न लाश मिलने और साक्ष्य मिटाने के लिए उसके चेहरे पर एसिड डालने की घटना भी इस सूची में है। इसके अलावा पटना, सहरसा, जमुई, मुजफ्फरपुर और गया जैसे जिलों से नाबालिग छात्राओं के अपहरण, गैंगरेप और हत्या के कई दर्दनाक मामले इस सूची में शामिल हैं।
इस पोस्ट के जरिए तेजस्वी यादव ने न सिर्फ सरकार को कटघरे में खड़ा किया, बल्कि एनडीए सरकार के समर्थकों पर भी हमला बोला। उन्होंने लिखा, 'चाहे आप किसी भी दल और विचारधारा से संबंध रखते हों, लेकिन प्रदेश की महिलाओं के साथ हो रहे इन बलात्कार और दुष्कर्म के मामलों पर यदि आप सरकार और मुख्यमंत्री की विफलता के साथ खड़े हैं, तो आप संवेदनशील इंसान नहीं हैं। आपमें इंसानियत जिंदा नहीं है और आप अपने किसी प्रिय के साथ अनहोनी के इंतजार तक इस सरकार के समर्थक बने बैठे हैं।'
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि यह अनैतिक सरकार एक सोची-समझी रणनीति के तहत जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जाति विशेष के खिलाफ पुलिसिया अत्याचार को बढ़ावा देकर सरकार कुछ नकारात्मक प्रवृत्ति के लोगों को मानसिक संतुष्टि तो दे सकती है, लेकिन महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है।
तेजस्वी यादव ने अतीत के सबसे चर्चित मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड का भी जिक्र किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब उस महापाप के संरक्षक ही इस सरकार के मार्गदर्शक बने बैठे हों, तो बिहार की महिलाओं की सुरक्षा की उम्मीद भला किससे की जा सकती है?