25 वर्षीय युवती के परिवार ने उसके बॉयफ्रेंड व दोस्त पर अपहरण का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
बिहार गया जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दूसरे धर्म के प्रेमी से बेटी के प्रेम संबंध से नाराज एक बाप ने अपनी बेटी के बॉयफ्रेंड को फंसाने के लिए झूठे अपहरण का मामला गढ़ दिया। इस साजिश में मां भी शामिल रही और उसने भी पुलिस से सच्चाई छिपाई। पुलिस के मुताबिक, 25 वर्षीय युवती के परिवार ने उसके बॉयफ्रेंड सद्दाम मियां और उसके दोस्त पहलवान मियां पर अपहरण का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इतना ही नहीं, परिवार ने 16 अगस्त को सड़क जाम कर हंगामा भी किया। इस दबाव के बीच दोनों आरोपियों ने अदालत में सरेंडर कर दिया।
लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरू की तो कहानी पलट गई। एसडीपीओ कमलेश कुमार ने बताया कि 300 से ज्यादा कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी की गई। सीसीटीवी में युवती को घर से अकेले निकलते हुए देखा गया। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस उसे गया से 270 किलोमीटर दूर गोपालगंज से बरामद करने में सफल रही।
पूछताछ में युवती ने कबूल किया कि वह अपने मुस्लिम प्रेमी से संबंधों को लेकर परिवार से विवाद के चलते 14 अगस्त को घर छोड़कर चली गई थी। उसने कहा कि पापा-मम्मी बात करने नहीं देते थे, इसलिए घर छोड़ने का फैसला किया।
जांच में यह भी सामने आया कि युवती के पास मोबाइल फोन था और वह पटना व गोपालगंज में नौकरी तलाश रही थी। जबकि परिवार ने पुलिस को बताया था कि युवती के पास कोई मोबाइल नहीं था। इतना ही नहीं, मां को भी इस बात की जानकारी थी कि बेटी अपहृत नहीं हुई है, फिर भी उसने सच नहीं बताया। इस मामले में पुलिस ने एक अन्य स्थानीय युवक सूरज पासवान को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, लेकिन बाद में उसकी संलिप्तता से इनकार कर दिया गया।
एसडीपीओ ने कहा कि पुलिस को गुमराह करने और सड़क जाम कर सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।