
देश की बड़ी बैंक डकैती में बिहार कनेक्शन
Bihar Robbery Gang: बिहार में स्थानीय स्तर पर लूट या रंगदारी करने वाले गिरोह अब हाई-टेक और संगठित होकर देश के बड़े राज्यों में बैंक और सोने के शोरूम को निशाना बना रहे हैं। गुजरात के सूरत में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में हुई 52 लाख रुपये की सनसनीखेज डकैती के बाद जो खुलासा हुआ है, उसने बिहार पुलिस के साथ-साथ देश के कई राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। गुजरात पुलिस की तफ्तीश में यह बात साफ हो गई है कि देश के कोने-कोने में हो रही डकैती की पटकथा पटना की हाई-सिक्योरिटी बेउर जेल से लिखी जा रही थी।
इंडियन एक्सप्रेस अखबार में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में सूरत के एसबीआई बैंक में हुई डकैती का मुख्य सूत्रधार बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला कुख्यात कुंदन भगत है। कुंदन भगत अवैध हथियारों की तस्करी और रंगदारी के गंभीर मामलों में पिछले साल नवंबर से पटना की बेउर जेल में बंद है। लेकिन जेल की सलाखों के पीछे से भी उसका सिंडिकेट उतना ही मजबूत है। वह जेल के अंदर से ही नागालैंड से लेकर गुजरात और महाराष्ट्र तक हथियारों की बड़ी खेप सप्लाई कर रहा था और अंतरराज्यीय शूटरों व डकैतों को डिक्टेट कर रहा था।
सूरत के बैंक में हुई डकैती कोई इकलौता मामला नहीं है। बल्कि बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने देश के विभिन्न हिस्सों में हुए आधे दर्जन से अधिक बड़े बैंक हीस्ट और गोल्ड रॉबरी (सोना लूट) में इस बिहार लिंक को ट्रेस किया है।
राष्ट्रीय स्तर पर इस सिंडिकेट का जाल कितना गहरा है, इसे हालिया महीनों में हुई बड़ी वारदातों से आसानी से समझा जा सकता है। कर्नाटक के मैसूर जिले में स्काई गोल्ड एंड ज्वेलरी शॉप से 8.3 किलोग्राम सोने के आभूषणों की बड़ी डकैती हुई। जांच में बेगूसराय के लोहियानगर से फरार चल रहे एक शातिर अपराधी राजा साहनी और दरभंगा के एक अन्य शूटर को दबोचा गया। इस गैंग के तार बिहार के कुख्यात गैंगस्टर पुल्लू सिंह उर्फ राजीव कुमार सिंह से जुड़े पाए गए, जो देशव्यापी सिंडिकेट चलाता है।
ओडिशा के क्योंझर जिले में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा से बदमाशों ने सरेआम 7.53 किलोग्राम सोना और 4.38 लाख रुपये कैश लूट लिए। ओडिशा पुलिस के इनपुट पर जब बिहार STF ने जाल बिछाया, तो गिरफ्तार किए गए 4 मुख्य डकैतों में से 3 बिहार के ही रहने वाले निकले। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा से 70 लाख रुपये के सोने के जेवरात और 14 लाख रुपये कैश की महा-लूट हुई। इस मामले में भी एमपी पुलिस ने बिहार के चार शातिर अपराधियों को दबोचकर एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया।
बिहार में भी डैकती के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। बिहार पुलिस के आंकड़ों के अनुसार राज्य में जहां साल 2025 में डकैती के कुल 955 मामले दर्ज किए गए थे, वहीं साल 2026 के शुरुआती चार महीनों में ही यह ग्राफ तेजी से ऊपर भागते हुए 1,392 मामलों तक पहुंच गया है। बिहार के भीतर ही हुई कुछ सबसे बड़ी सनसनीखेज वारदातों पर नजर डालें तो आरा के तनिष्क शोरूम से हुई 25 करोड़ रुपये की लूट, समस्तीपुर में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा से 4.65 करोड़ रुपये की डकैती और दरभंगा के बड़ा बाजार में दिनदहाड़े हुई 2.25 करोड़ रुपये की लूट शामिल है। इन सभी मामलों में कड़ियां देश के अन्य राज्यों से जुड़ी पाई गई हैं।
देशभर के राज्यों में बिहार के डकैतों की बढ़ती धमक और इस नए लॉ एंड ऑर्डर चैलेंज से निपटने के लिए बिहार पुलिस ने अब आर-पार की जंग का मन बना लिया है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के तहत एक समर्पित 'बैंक एंड ज्वेलरी लूट सेल' का गठन किया गया है।
Published on:
24 May 2026 01:29 pm
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