
जयपुर. अपनी बाइक को कस्टमाइज कर बेचने के साथ ऑटोमोबाइल सेक्टर में शुरू किया बिजनेस कैसे 1.27 करोड़ की बेंटले कॉन्टिनेंटल बेचने तक पहुंच गया। इस कहानी के गवाह बने हैं मंजिल पठान। 30 साल की उम्र में मंजिल बिजनेस की दुनिया में बुद्धिमानी औ कुशलता से अपनी व्यापार क संचालन कर रहे हैं।
बचपन से ही मंजिल को कारों में दिलचस्पी थी। उन्होंने बताया कि मुझे बचपन से ही बाइक और उससे ज्यादा कारों का बहुत शौक था। कार को मूल रूप से अलग लुक्स देकर उन्हें बेचने के विचार में कुछ और नए आइडिया लागू किये और अपने बिजनेस को हिट किया। 2013 में, उन्होंने हैदराबाद में अपनी दूसरी शाखा खोली, वाहनों के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया और उन्हें प्रॉफिट के साथ बेच दिया। मंजिल पठान कस्टम कार व्हील स्टूडियो के चहेते बन गए। मंजिल कहते हैं कि सीसीडब्ल्यूएस की सबसे बड़ी यूएसपी कार वर्कशॉप का कस्टमाइजेशन है जो पुरानी कारों को लुभावनी लुक देता है। प्रत्येक बिक्री से पहले कारों को गुणवत्ता जांच के 150 चरणों से गुजरना पड़ता है।
वर्ष 2007 में, उन्होंने टाटा स्काई के साथ मार्केटिंग प्रोफेशनल के रूप में काम करना शुरू किया। उन्होंने साबित किया कि झिझक शून्य सफलता लाती है और कोई भी काम छोटा नहीं होता। प्रत्येक मंच आपके व्यक्तित्व को सुधारता है और आपको एक नए क्षेत्र में बढ़ाने के लिए नए विचार उत्पन्न करता है। उन्होंने कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था और व्यापार जगत के बारे में कई खास बातें सीखी थीं। उत्कृष्ट अनुभव और क्षेत्र में अपने जुनून के साथ, उन्होंने अपना खुद का उद्यम बनाने का एहसास किया।