जयपुर के स्कूली छात्र ने 3 सप्ताह में 5 लाख रुपए से अधिक की जुटाई राशि
अनुराग त्रिवेदी
जयपुर. शहर के 12वीं कक्षा के छात्र 17 वर्षीय आरव गांधी ने एक अनोखे कॉन्सेप्ट 'प्रोजेक्ट घराना' की शुरुआत की, जिसके तहत उन्होंने भारत के बेघर लोगों के लिए किफायती आवास के प्रोटोटाइप के रूप में एक पूरी तरह कार्यात्मक शिपिंग कंटेनर होम बनाया है। उन्होंने 500 से अधिक बेघर लोगों का किफायती और स्थायी घरों में पुनर्वास में मदद करने के लिए 100 शिपिंग कंटेनर घरों के निर्माण का प्लान तैयार किया है। इसके तहत घरों को प्राथमिक विद्यालय, डिस्पेंनसरी सहित अन्य सुविधाओं और कम रखरखाव लागत के बुनियादी ढांचे के साथ पूर्ण किया जाएगा। यह कॉर्पोरेट और स्थानीय सरकार की भागीदारी के माध्यम से देश के अन्य हिस्सों में अपनाने के लिए एक मॉडल होगा। ये घर बेघर होने जैसी सामाजिक समस्या को खत्म करेंगे और पर्यावरण के अनुकूल होंगे, यानी कचरे का निपटान और निर्माण में रीसाइकिल्ड सामग्री का उपयोग वाला होगा।
आर्किटेक्चर और कन्सट्रक्शन से जुड़ाव
'प्रोजेक्ट घराना' के बारे में बात करते हुए आरव ने कहा, छोटी उम्र से ही मेरा आर्किटेक्चर और कन्सट्रक्शन से जुड़ाव रहा है, जिससे मुझे पूरे भारत में बेघर होने की व्यापक समस्या के बारे में जानने का अवसर मिला। स्थानीय स्तर पर शुरुआत करने और अपने आसपास के लोगों को बदलाव लाने के लिए प्रेरित करने के लिए मैंने 'प्रोजेक्ट घराना' शुरू किया, जो एक कि सामाजिक पहल है और इसका उद्देश्य भारत में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को स्थायी और किफायती घर प्रदान करना है। इसकी प्रक्रिया सितंबर 2021 में शुरू हुई, जब मैं अपने पिता फैक्ट्री में गया और वहां देखा कि एक पुराने कंटेनर को परिवर्तित करके ऑफिस स्पेस के रूप में काम लिया जा रहा है। इसी कॉन्सेप्ट से घर बनाने का विचार मेरे दिमाग में आया। महीनों की चर्चा और परिश्रम के बाद चार लोगों के परिवार के लिए पहला कंटेनर होम तैयार किया गया।
क्राउडफंडिंग कैम्पेन से जुड़े लोग
आरव ने एक क्राउडफंडिंग कैम्पेन चलाया और 'प्रोजेक्ट घराना' के लिए तीन सप्ताह में 5 लाख रुपए से अधिक राशि जुटाई। उन्होंने अपना पहला शिपिंग कंटेनर होम बनाया है, जो 100 प्रतिशत रिन्यूएबल एनर्जी पर चलता है और इसके निर्माण में कई सस्टेनेबल सामग्रियों का उपयोग हुआ है। उनके प्रोजेक्ट को भारत और विदेश दोनों जगह सराहना मिली है। वे ग्लोबल सोशल लीडर्स में 210 ग्लोबल सोशल प्रोजेक्ट्स में से टॉप 5 थे और इन्हें युनाइटेड नेशंस ग्लोबल गोल्स वीक में बोलने के लिए आमंत्रित किया गया था।