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छत्तीसगढ़ में खाद माफियाओं पर सर्जिकल स्ट्राइक, हजारों बोरी उर्वरक जब्त, कार्रवाई से मचा हड़कंप

Illegal fertilizer seizure: प्रदेश में खाद की किल्लत और कालाबाजारी के बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए माफियाओं के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। छापेमारी में हजारों बोरी उर्वरक जब्त होने से हड़कंप मच गया है।
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रायपुर

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Khyati Parihar

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सुबोध कुमार झा

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Updated: 6 Jun 2026, 10:05 AM IST

Fertilizer Mafia Crackdown

Photo: Patrika

रायपुर @सुबोध कुमार झा। Fertilizer Mafia Crackdown: प्रदेश में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही खेती-किसानी की हलचल तेज हो गई है। इसी के साथ यूरिया और अन्य उर्वरकों की मांग में भी भारी उछाल आया है। किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने खाद माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कृषि विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने पूरे प्रदेश में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है, जिससे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

कृषि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ मुनाफाखोर कारोबारी किसानों को परेशान करने के उद्देश्य से खाद का अवैध भंडारण कर रहे हैं और बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने राज्यव्यापी अभियान छेड़ दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में ही हजारों बोरी उर्वरक जब्त किए जा चुके हैं।

कोंडागांव की बड़ी कार्रवाई बनी नजीर

कृषि विभाग के इस आक्रामक रुख के पीछे पिछले वर्ष कोंडागांव जिले में हुई ऐतिहासिक कार्रवाई की बड़ी भूमिका है। उस समय प्रशासन ने लगभग 12 हजार बोरी यूरिया जब्त की थी। उस बड़े खुलासे ने खाद माफियाओं के नेटवर्क की पोल खोल दी थी।

कोंडागांव की उस कार्रवाई के बाद से ही कृषि विभाग ने अपनी निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत कर दिया है। इन स्पष्ट मामलों के अलावा, राजनांदगांव, कोरबा और जांजगीर-चांपा के अन्य हिस्सों में भी बड़ी मात्रा में खाद पकड़े जाने की सूचनाएं मिल रही हैं। अनुमान है कि यदि इन सभी कार्रवाईयों को जोड़ दिया जाए, तो जब्त की गई खाद की मात्रा 15 से 20 हजार बोरी तक पहुंच सकती है।

किसानों की पीड़ा और सरकार का सख्त संदेश

किसानों का आरोप है कि खाद की किल्लत की वजह से खेती का काम प्रभावित हो रहा है। खाद के लिए उन्हें लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है, जबकि मुनाफाखोर गोदामों में खाद छिपाकर बैठे हैं। कृषि मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल लाइसेंस निलंबन, माल की जब्ती और संबंधित कारोबारी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

प्रमुख जिलों में की गई कार्रवाई के आंकड़े:

  • जांजगीर-चांपा: करीब 1,400 बोरी खाद जब्त
  • बलरामपुर: 1,150 बोरी यूरिया की बरामदगी
  • गरियाबंद: 603 बोरी उर्वरक जब्त
  • सक्ती: 60 बोरी यूरिया अवैध रूप से रखे जाने पर कार्रवाई

जांजगीर-चांपा में 1372 बोरी खाद जब्त

जांजगीर-चांपा जिले में उर्वरक की कालाबाजारी रोकने कृषि विभाग लगातार सक्रिय है। डीडीए राकेश शर्मा के निर्देश पर विभाग की टीम ने पोड़ी और तुस्मा में दो निजी खाद विक्रेताओं के यहां छापेमारी की। मेसर्स सुरेश कुमार अग्रवाल (पोड़ी) और मेसर्स पटेल खाद भंडार (तुस्मा) में अनियमितता पाए जाने पर कुल 1372 बोरी खाद जब्त की गई।

विक्रेताओं द्वारा खरीद बिल न देने, स्टॉक रजिस्टर न रखने और पीओएस मशीन से मिलान न होने पर यह कार्रवाई की गई। विभाग ने अब तक जिले में पांच बड़ी कार्रवाइयों में 5000 बोरी खाद जब्त की है, ताकि किसानों को खाद निर्बाध रूप से मिल सके।