
CGPSC Scam: पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी गिरफ्तार(photo-patrika)
CGPSC Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित CGPSC भर्ती घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी अपनी जांच तेज कर दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के बाद अब ED इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की पड़ताल कर रही है। इसी क्रम में ED ने जेल में बंद CGPSC के पूर्व चेयरमैन एवं रिटायर्ड IAS अधिकारी टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तारी से पहले ED ने रायपुर स्थित स्पेशल कोर्ट से अनुमति प्राप्त की थी। एजेंसी अब उन्हें कस्टोडियल रिमांड में लेकर पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित पैसों के लेन-देन, अवैध कमाई और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क से जुड़े अहम खुलासे हो सकते हैं।
ED की जांच का मुख्य फोकस भर्ती घोटाले से अर्जित कथित अवैध धन और उसके उपयोग पर रहेगा। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि भर्ती प्रक्रिया में यदि अवैध लेन-देन हुआ, तो उस राशि को किन माध्यमों से स्थानांतरित किया गया और उसका इस्तेमाल कहां किया गया। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ हो सकती है।
गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पूर्व CBI ने CGPSC के तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया गया था।
CBI का आरोप है कि CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, DSP समेत अन्य महत्वपूर्ण पदों पर चयनित कराने के लिए अवैध लेन-देन किया गया।
CBI की जांच में सामने आया था कि टामन सिंह सोनवानी के कार्यकाल के दौरान हुई भर्तियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुईं। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने अपने करीबी रिश्तेदारों सहित कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के कुल 18 रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने में भूमिका निभाई।
एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान कथित पैसों के लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
Updated on:
25 Jul 2026 04:51 pm
Published on:
25 Jul 2026 04:50 pm
