
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बैज का केंद्र पर हमला (फोटो सोर्स- AI)
Deepak Baij Statement Dharmendra Pradhan: NEET-UG विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। बैज ने दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नैतिकता के आधार पर नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुर्सी बचाने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के बढ़ते आंदोलन और जनता के दबाव के बाद केंद्र सरकार को यह फैसला लेना पड़ा। दीपक बैज ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट भी साझा किया है।
दीपक बैज ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर देशभर के कई शहरों तक छात्र और युवा लगातार NEET-UG मामले में प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन केंद्र सरकार ने उनकी मांगों पर संवाद करने के बजाय दमनात्मक रवैया अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई।
बैज ने कहा कि अगर सरकार छात्रों की मांगों को समय रहते गंभीरता से लेती तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते। उनका कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सरकार की नैतिक जिम्मेदारी का परिणाम नहीं, बल्कि बढ़ते जनाक्रोश और राजनीतिक दबाव की वजह से लिया गया फैसला है। उन्होंने इसे देशभर के छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताया।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि एक “प्रधान” का इस्तीफ़ा हो गया है। ये भारत के युवाओं की जीत है। बता दें कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान भूपेश बघेल भी पहुंचे थे। वहीं विरोध प्रदर्शन के तीसरे दिन आज इस्तीफे की खबर आने से कांग्रेस ने इसे युवाओं की जीत बताया है।
इधर, NEET-UG परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफे के साथ उन्होंने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत संदेश भी जारी किया, जिसमें कहा कि पिछले चार दशक से अधिक समय से वह छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है।
धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan Resignation) ने अपने पत्र में लिखा कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता थी। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। 16 जुलाई को घोषित परिणामों में गरीब और वंचित परिवारों के कई प्रतिभाशाली छात्रों ने सफलता हासिल की।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने उन्हें गहराई से आहत किया है। उन्होंने कहा कि यह उनके व्यक्तिगत सम्मान का नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। वह नहीं चाहते कि छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों और राजनीतिक टकराव में उलझे या उनका ध्यान पढ़ाई से भटके। इसी भावना के साथ उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया।
धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे के बाद NEET-UG विवाद पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। विपक्ष इसे छात्रों के आंदोलन और जनदबाव का असर बता रहा है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Updated on:
25 Jul 2026 04:40 pm
Published on:
25 Jul 2026 04:39 pm
