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देश में 150 से ज्यादा पेपर लीक, चरणदास महंत का मोदी सरकार पर हमला, बोले- छात्रों की आत्महत्या के लिए सरकार जिम्मेदार

Political News: मोदी सरकार के कार्यकाल में अब तक 150 से अधिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं।
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रायपुर

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Khyati Parihar

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Updated: 20 Jul 2026, 11:53 AM IST

Chhattisgarh News

चरणदास महंत का मोदी सरकार पर हमला (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh Political News: नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने केंद्र सरकार पर देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर तीखा हमला बोला है। रविवार को रायपुर स्थित राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि देश में पेपर लीक का संकट अब "राष्ट्रीय महामारी" का रूप ले चुका है। उनका दावा है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में अब तक 150 से अधिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। इसके बावजूद अब तक किसी बड़े दोषी को कड़ी सजा नहीं मिली, जिससे युवाओं का शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया से भरोसा उठता जा रहा है।

छात्रों को उठाना पड़ता है नुकसान

महंत ने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले लाखों युवा वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं। कोचिंग, पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी में अभ्यर्थियों के साथ-साथ उनके परिवारों पर भी भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने कहा कि देश में हर वर्ष करीब 9 करोड़ अभ्यर्थी केवल 6 लाख सरकारी नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। ऐसे में यदि परीक्षाएं बार-बार रद्द होती हैं या पेपर लीक हो जाते हैं तो सबसे अधिक नुकसान मेहनत करने वाले छात्रों को उठाना पड़ता है।

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचे गए

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लाखों रुपये में बेचे गए। उन्होंने दावा किया कि नीट यूजी-2026 का पेपर 40 लाख रुपये, आईआईटी-जेईई 2021 का 15 लाख रुपये, उत्तराखंड पटवारी भर्ती 2025 का 15 लाख रुपये, बिहार शिक्षक भर्ती 2024 का 10 लाख रुपये तथा ओडिशा अर्थसैन्य दल उप-निरीक्षक भर्ती 2025 का पेपर 25 लाख रुपये में बेचा गया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से स्पष्ट होता है कि शिक्षा व्यवस्था में संगठित स्तर पर गड़बड़ियां हो रही हैं और परीक्षा माफिया लगातार सक्रिय हैं।

छात्रों की आत्महत्या के लिए सरकार जिम्मेदार

महंत ने जगदलपुर की युवती सुरला हारिका राव की आत्महत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रद्द हुई नीट परीक्षा में छात्रा के बेहतर अंक आए थे, लेकिन दोबारा आयोजित परीक्षा (नीट-2) में कम अंक मिलने के बाद वह मानसिक तनाव में आ गई और उसने आत्महत्या कर ली। महंत ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक और परीक्षाओं में अनियमितताओं से छात्रों में निराशा और हताशा बढ़ रही है। उन्होंने इस स्थिति के लिए केंद्र की मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने भाजपा सरकार पर शिक्षा माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई की जाती तो बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने नहीं आतीं। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में केंद्र सरकार विफल रही है।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर सवाल

महंत ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे विवादों और धांधलियों के कारण एनटीए की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की चुप्पी यह संकेत देती है कि सरकार इन मामलों में जवाबदेही तय करने के बजाय दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।

पत्रकार वार्ता के दौरान महंत ने केंद्र सरकार से पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की, जिससे भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा कायम रह सके।