
ई-रिक्शा और ऑटो (Photo Patrika)
Raipur Auto Registration: रायपुर में ई-रिक्शा और ऑटो परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए चलाए जा रहे पंजीयन एवं QR कोड अभियान के तहत वाहन चालकों को एक और मौका दिया गया है। डीसीपी यातायात डॉ. अर्चना झा के निर्देश पर 21 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक 10 दिनों के लिए पंजीयन पोर्टल दोबारा खोला जाएगा। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन ई-रिक्शा और ऑटो चालकों ने अब तक पंजीयन नहीं कराया है या QR कोड नहीं लगवाया है, उनके लिए यह अंतिम अवसर होगा।
यातायात पुलिस द्वारा संचालित अभियान के तहत अब तक 15,047 ई-रिक्शा एवं ऑटो का सफलतापूर्वक पंजीयन किया जा चुका है। इनमें से 12,337 वाहनों पर QR कोड भी लगाए जा चुके हैं। QR कोड के माध्यम से वाहन और चालक की जानकारी तत्काल उपलब्ध हो जाती है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ती है और यातायात प्रबंधन को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
यातायात पुलिस मुख्यालय कालीबाड़ी, रायपुर में पहले से पंजीकृत ई-रिक्शा और ऑटो पर प्रतिदिन QR कोड लगाने का कार्य लगातार जारी है। हालांकि, कई वाहन चालक शहर से बाहर होने या अन्य कारणों से निर्धारित समय में पंजीयन नहीं करा सके थे।
ई-रिक्शा एवं ऑटो संघ के अध्यक्ष और पदाधिकारियों ने शेष वाहन चालकों को एक और अवसर देने की मांग की थी। इसके बाद डीसीपी यातायात डॉ. अर्चना झा ने जनहित और वाहन चालकों की सुविधा को देखते हुए पंजीयन पोर्टल को 21 जुलाई से 30 जुलाई तक पुनः खोलने के निर्देश दिए।
यातायात पुलिस ने सभी अपंजीकृत ई-रिक्शा और ऑटो चालकों से अपील की है कि वे तय समय सीमा के भीतर यातायात मुख्यालय, कालीबाड़ी, रायपुर पहुंचकर अपना पंजीयन पूरा कराएं। जिन वाहनों का पंजीयन पहले ही हो चुका है लेकिन QR कोड नहीं लगाया गया है, वे भी इसी अवधि में अपना QR कोड लगवा सकते हैं।
यातायात विभाग के अनुसार QR कोड प्रणाली लागू होने से कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे—
यात्रियों की सुरक्षा मजबूत होगी।
वाहन और चालक की पहचान तुरंत हो सकेगी।
शिकायतों का त्वरित निराकरण आसान होगा।
यातायात व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनेगी।
अवैध संचालन पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।
डीसीपी यातायात डॉ. अर्चना झा ने सभी ई-रिक्शा और ऑटो चालकों से अभियान में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीयन और QR कोड की प्रक्रिया पूरी करना सभी चालकों के हित में है और इससे शहर की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
Updated on:
20 Jul 2026 06:19 pm
Published on:
20 Jul 2026 05:32 pm
