
एसीआई में अब बायपास सर्जरी व वॉल्व रिप्लेसमेंट नियमित (photo source- Patrika)
Chhattisgarh Heart Surgery: पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) के कार्डियो थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग में अब हार्ट के मरीजों की बायपास सर्जरी, वाॅल्व रिप्लेसमेंट व वैस्कुलर सर्जरी नियमित रूप से होने लगे हैं। अस्पताल में दो नियमित कार्डियक सर्जन के अलावा कार्डियक एनेस्थेटिस्ट हो गए हैं। ऑपरेशन में लगने वाले जरूरी सामान व इंप्लांट के लिए भी टेंडर पहले ही हो चुका है। इससे समय पर इंप्लांट की सप्लाई हो रही है।
अब एसीआई में आने वाले मरीजों को एम्स रेफर नहीं किया जा रहा है, क्योंकि यहां सभी जरूरी सर्जरी हो रही है। जरूरी सामानों की सप्लाई नहीं होने से पिछले साल जुलाई से इस साल अप्रैल तक बायपास सर्जरी बंद रही। तब मरीजों को मजबूरी में एम्स रेफर किया जा रहा था। यही नहीं संविदा में कार्डियक एनेस्थेटिस्ट सेवाएं दे रहे थे। अब सीजीपीएससी से नए कार्डियक एनेस्थेटिस्ट का चयन हो गया है। यानी अब एसीआई में दो नियमित कार्डियक सर्जन के साथ नियमित एनेस्थेटिस्ट भी हो गए हैं। इससे अब सर्जरी नियमित रूप से चलेगी। आने वाले कुछ दिनों में पीडियाट्रिशियन भी ज्वाइन करने वाले हैं।
सीटीवीएस विभाग में हर माह 90 से 100 सर्जरी की जाती है। ये बायपास सर्जरी, वॉल्व रिप्लेसमेंट व वैस्कुलर सर्जरी होते हैं। ज्यादातर मरीज आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस इलाज करवाते हैं। उन्हें जेब से अतिरिक्त खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती। सर्जरी बंद होने के कारण अप्रैल तक 500 से ज्यादा मरीजों की वेटिंग थी, जिसे खत्म की जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार गंभीर मरीजों का ऑपरेशन पहले किया जा रहा है। ताकि उन्हें विषम परिस्थितियों का सामना करना न पड़े।
एसीआई में बच्चों की हार्ट सर्जरी की सुविधा भी जल्द शुरू की जाएगी। हार्ट सर्जन के अलावा एनेस्थेटिस्ट होने से ये संभावना पहले से है। दरअसल अस्पताल में हार्ट की बीमारी वाले काफी बच्चे आते हैं। बच्चों के हार्ट में जन्मजात छेद को कार्डियोलॉजी विभाग में बंद किया जाता है। सर्जरी सीटीवीएस विभाग में होगा। बच्चों की सर्जरी के लिए एक नया ऑपरेशन थिएटर भी बनाया जा रहा है, जिसमें देरी हो रही है।
पत्रिका ने 3 जून के अंक में योग्य डॉक्टर बाहर, बिना डिग्री वाले छात्र पर पीएससी मेहरबान तथा 4 जून को डिग्रीधारी कार्डियक एनेथेटिस्ट ने पीएससी सचिव से पूछा-किस आधार पर बिना डिग्री वाले का चयन हेडिंग से समाचार प्रकाशित किया है। पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद पीएससी के आला अधिकारी हरकत में आए और उन्हें अभ्यर्थी के चयन में तकनीकी त्रुटि नजर आई। जब ट्रांजेक्शन नियमों को खंगाला गया तो उन्हें अपनी गलती का एहसास भी हुआ और समाचार प्रकाशित होने के दो दिन में 4 जून को ही चयन निरस्त कर दिया।
नए रेगुलर कार्डियक एनेस्थेटिस्ट आ जाने से व पहले से दो नियमित कार्डियक सर्जन होने से बायपास सर्जरी समेत वॉल्व रिप्लेसमेंट व वैस्कुलर सर्जरी नियमित रूप से होने लगी है। आने वाले दिनों में बच्चों के हार्ट की सर्जरी भी शुरू की जाएगी— डॉ. कृष्णकांत साहू, प्रोफेसर व एचओडी सीटीवीएस विभाग
Updated on:
21 Jul 2026, 8:01 AM IST
Published on:
21 Jul 2026, 8:01 AM IST
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