
धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल का बयान ( Photo - Patrika )
Chhattisgarh News: NEET-UG विवाद और देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। इसके साथ ही धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर एक ऐलान किया और इस्तीफा देने की वजह भी बताई। कहा कि पिछले चार दशक से अधिक समय से वह छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है।
इधर इस्तीफे की खबर मिलते ही देशभर में विरोध कर रहे छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं ने भी सोशल मीडिया के जरिए धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे को युवाओं की जीत बताया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि एक “प्रधान” का इस्तीफ़ा हो गया है। ये भारत के युवाओं की जीत है। बता दें कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान भूपेश बघेल भी पहुंचे थे। वहीं विरोध प्रदर्शन के तीसरे दिन आज इस्तीफे की खबर आने से कांग्रेस ने इसे युवाओं की जीत बताया है।
धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष और सुचारु रूप से कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता थी। इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। 16 जुलाई को घोषित परिणामों में गरीब और वंचित परिवारों के कई प्रतिभाशाली छात्रों को सफलता मिली, लेकिन कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा।
अपने इस्तीफे पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने उन्हें बेहद व्यथित किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनके व्यक्तिगत सम्मान का विषय नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों और राजनीतिक टकराव में उलझे या उनका ध्यान पढ़ाई से भटके। इसी भावना के साथ उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात कही। कहा कि सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा। युवाओं की एकजुट आवाज़, लोकतांत्रिक संघर्ष और श्री राहुल गांधी जी के लगातार समर्थन ने सत्ता को जवाबदेह बनने पर मजबूर कर दिया। यह सिर्फ़ एक इस्तीफ़ा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत है।
Updated on:
25 Jul 2026 04:25 pm
Published on:
25 Jul 2026 03:29 pm
